राजेंद्र रंजन गायकवाड
(सेवा निवृत्त केंद्रीय जेल अधीक्षक)
बिलासपुर, छत्तीसगढ़
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
आठ दशक की आजादी
स्वतंत्रता दिवस की शुभ कामनाएं स्वीकार करें और सोचे आज के समय में भारत की आजादी के मायने केवल विदेशी शासन से मुक्ति पाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसका विस्तार व्यक्तिगत अधिकारों, सामाजिक न्याय, आर्थिक समानता और मानसिक व वैचारिक स्वतंत्रता तक हो चुका है। आजादी का अर्थ एक ऐसे समावेशी समाज का निर्माण करना है जहाँ हर नागरिक गरिमा के साथ जी सके। सामाजिक और मानवीय मायनेभय और भेदभाव से मुक्ति जाति, धर्म, लिंग या वर्ग के आधार पर होने वाले भेदभाव और डर से आजादी।
समान अवसर समाज के हर अंतिम व्यक्ति को शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रगति के समान अवसर मिलना।महिला सुरक्षा और स्वतंत्रता, महिलाओं को अपने जीवन और करियर से जुड़े फैसले खुद लेने की पूर्ण स्वतंत्रता। लोकतांत्रिक और वैचारिक मायने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता: कानून और संविधान के दायरे में रहकर अपने विचारों को बेझिझक रखने का अधिकार।
समानता का अधिकार कानून के समक्ष हर नागरिक समान है, चाहे उसकी आर्थिक स्थिति कुछ भी हो। जिम्मेदारी का बोध अधिकारों के साथ-साथ देश और समाज के प्रति कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना।
आर्थिक और आधुनिक मायनेगरीबी और भुखमरी से मुक्ति आर्थिक विसंगतियों को दूर कर हर नागरिक के लिए बुनियादी जरूरतें सुनिश्चित करना। डिजिटल और वैश्विक स्वतंत्रा तकनीकी युग में खुद को आत्मनिर्भर बनाना और वैश्विक मंच पर देश का मान बढ़ाना है।
जैसे सामाजिक न्याय, आर्थिक समानता या अभिव्यक्ति की आजादी आजादी का असली आजादी का मतलब ये नहीं है कि हम दूसरों के अधिकारों का हनन कर सके। ये एक सामूहिक भावना है। सामूहिक भावना जहाँ हर व्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान होना चाहिए।
सच्ची आजादी तो तब है, जब हम ना केवल बोल सकें बल्कि सुने भी जाएं, बिना किसी भेदभाव या डर के? साथ ही ऊंच नीच, अमीर गरीब के भेदभाव को समाप्त करें।







