संवाददाता आगर मालवा : गोवर्धन कुम्भकार
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
शासकीय देव स्थानों की जमीनों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें… शासन द्वारा आधारित देवस्थान की आय-व्यय प्रबंधन समिति कि समीक्षा बैठक कलेक्टर शेर सिंह मीणा की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
कलेक्टंर ने की शासन संधारित देवस्थानो की विस्तृत समीक्षा
आगर-मालवा: 18 अगस्त/ शासन द्वारा संधारित सभी शासकीय देवस्थानों की जमीनों एवं अचल संपत्तियों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। बाबा बैजनाथ महादेव मंदिर एवं नलखेडा देवी मंदिर की जमीनों का सीमांकन करवाकर वायर फेंसिंग का कार्य करवाया जाए। के लेखा-जोखा का ऑडिट करवाएं। यह निर्देश कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष, आगर में आयोजित शासन संधारित देवस्थान की आय-व्यय एवं प्रबंधन संबंधी समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में एडीएम डॉ. शालिनी श्रीवास्तव एवं एसडीएम श्री मिलिंद ढोके सहित डिप्टी कलेक्टर एवं तहसीलदार उपस्थित थे।
बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 738 शासन संधारित देवस्थान हैं। जिले में कुल 546 पुजारी नियुक्त हैं। देवस्थानों की जमीनें खसरे में कलेक्टर प्रबंधक के नाम से दर्ज हैं। कलेक्टर ने सभी शासन संधारित देव स्थानों का डाटा अपडेट करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि बाबा बैजनाथ मंदिर प्रबंधन समिति की तीन धर्मशालाएं, तीन दुकानें और 41 हेक्टेयर जमीन है। मंदिर समिति के खाते में कुल 1.70 करोड़ रुपये की राशि जमा है। मंदिर समिति द्वारा 13 कर्मचारी नियुक्त हैं। सावन माह में दो गार्ड व दो अतिरिक्त कर्मचारी तैनात हैं। कलेक्टर ने देव स्थानों की मूल्यवान वस्तुओं को कोषालय में जमा करवाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि नलखेड़ा मंदिर प्रबंधन समिति 18 सुरक्षा गार्ड और नियुक्त करें। मंदिर समिति अपने बैरिकेड्स बनवाएं तथा लोक निर्माण विभाग के बैरिकेड्स वापस करें। कलेक्टर ने जिला स्तरीय देवस्थान समिति की बैठक भी अगले माह आयोजित करने के निर्देश देवस्थान प्रभारी को दिए हैं।







