संवाददाता कन्नौज (उ. प्र.): दीप सिंह
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
आलू किसानों के सामने लागत और बाजार का दोहरा दबाव, पूर्व विधायक ने उठाए सवाल।

कन्नौजः क्षेत्र में खेती-किसानी से जुड़ी चुनौतियों को लेकर पूर्व विधायक अरविंद सिंह यादव ने किसानों की समस्याओं को सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में लाने की मांग की है। बुधवार को सराय प्रयाग स्थित मां प्रकाश देवी कोल्ड स्टोर में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने आलू किसानों के साथ-साथ बिजली, खाद और महंगाई से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
पूर्व विधायक ने कहा कि आलू की खेती करने वाले किसानों के सामने उत्पादन लागत और फसल के बाजार मूल्य के बीच संतुलन बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। उनका कहना था कि खेत से लेकर कोल्ड स्टोर और बाजार तक किसान को कई स्तरों पर खर्च उठाना पड़ता है। ऐसे में यदि उपज का अपेक्षित मूल्य नहीं मिलता तो उसकी पूरी मेहनत और पूंजी पर असर पड़ता है।
उन्होंने खेती की लागत में बिजली और खाद की भूमिका का भी उल्लेख किया। किसानों के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध न होने से सिंचाई प्रभावित होने की बात रखते हुए उन्होंने निर्बाध विद्युत आपूर्ति की आवश्यकता बताई। वहीं खाद की उपलब्धता और कीमत को लेकर भी उन्होंने किसानों की चिंता सामने रखी।
महंगाई को किसानों की आर्थिक स्थिति से जोड़ते हुए यादव ने कहा कि कृषि कार्यों में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं के साथ घरेलू जरूरतों की कीमतों में बढ़ोतरी का असर ग्रामीण परिवारों के बजट पर पड़ रहा है। ऐसे में किसानों को केवल फसल का मूल्य ही नहीं, बल्कि उत्पादन लागत को ध्यान में रखते हुए नीतिगत राहत की जरूरत है।
पूर्व विधायक ने सरकार से आलू किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने, खाद उचित दर पर उपलब्ध कराने और खेती के लिए पर्याप्त बिजली सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान बाजार व्यवस्था, लागत और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े पहलुओं को साथ लेकर ही संभव है।







