सौजन्यः सोच पब्लिकेशन हाउस
मुंबई/ दिल्ली
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
सोच पब्लिकेशन हाउस द्वारा प्रकाशित जीवन और मन को एक नई दिशा देती श्वेता शर्मा की पुस्तक ‘आशाएँ’।
दिल्ली/ मुंबई : मनुष्य का जीवन केवल परिस्थितियों से नहीं बनता, बल्कि उन परिस्थितियों के प्रति उसका दृष्टिकोण जीवन को एक नया रूप देता है। इसी विचार को आत्मसात करते हुए लेखिका श्वेता शर्मा ने अपनी नई पुस्तक ‘आशाएँ’ की रचना की है।
यह पुस्तक केवल शब्दों और विचारों का संग्रह मात्र नहीं है, बल्कि यह पाठक को स्वयं के भीतर झाँकने और आत्मचिंतन करने का अवसर देती है। लेखिका के अनुसार, इस पुस्तक का मुख्य उद्देश्य किसी को उपदेश देना नहीं है, बल्कि पाठक को अपने भीतर उम्मीद और सकारात्मकता की एक नई किरण जगाने के लिए प्रेरित करना है। पुस्तक की रचनाएँ जीवन के विभिन्न अनुभवों, अंतर्मन के संवादों, संबंधों की गहराई और प्रकृति से मिली सीख से उपजी हैं।
लेखिका श्वेता शर्मा का मानना है कि जीवन में हर समय परिस्थितियाँ हमारे अनुकूल नहीं हो सकतीं, लेकिन यदि हम अपनी मनोदशा को समझकर दृष्टिकोण बदल लें, तो कठिन से कठिन समय में भी आगे बढ़ने का साहस पाया जा सकता है। यह पुस्तक पाठकों के मन में आशा का नया दीप जलाकर उन्हें जीवन को एक नई दृष्टि से देखने के लिए प्रेरित करती है।







