सुश्री सरोज कंसारी
कवयित्री, लेखिका, शिक्षिका
रिपोर्टर, उद्घोषिका, नवापारा-राजिम
रायपुर (छत्तीसगढ़)
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
लेख:
खुद की आत्मा के सामने सच्चा साबित होना
: सुश्री सरोज कंसारी
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हमारे भीतर एक पथ है, उस पर अविरल खरा उतरना होगा। एक दूसरे को नीचा मत दिखाइए, जो पाना चाहते हैं उस काबिल बनिए। दुनिया में कई तरह के लोग हैं कुछ सच्चे, कुछ झूठे। इस भ्रामक संसार की कहानी हर पल बदलती है सब समय का खेल होता है। अच्छी बुरी परिस्थिति आती जाती रहती हैं, लोग मिलते और बिछड़ते हैं। मतलब से भरी दुनिया में कुछ ही होते हैं जो हर वक्त निभाते हैं अपने हिस्से की जिम्मेदारी। बिना मतलब के तो वहीं लोग करीब आते हैं जो आपकी दौलत शोहरत, पद प्रतिष्ठा से नहीं, सिर्फ आपसे प्रेम रखते हैं। सीधे सच्चे, भोले और मन के साफ व्यक्ति भले ही तकलीफ सह लेते हैं, पर कभी किसी को हानि नहीं पहुंचाना चाहते। पर कुछ लोग होते हैं जो किसी की भावनाओं की कद्र नहीं करते। हर इंसान में सोचने की क्षमता है, उनकी भी दृष्टि है, सभी अपना भला किसमें है जानते हैं, दिमाग से काम लेते हैं। पर पता नहीं कुछ लोगों को यह गलतफहमी क्यों रहती है कि वो जो कहेंगे वही सही है, उनकी चिकनी चुपड़ी बातों में सभी आ जाएंगे। कुछ होते हैं जिनकी कुछ मजबूरी होती है शारीरिक मानसिक और आर्थिक रूप से वे कुछ करने, सोचने, आगे बढ़ने में असमर्थ होते हैं, कोई फैसला नहीं ले पाते और भ्रमित हो जाते हैं। कभी कभी वे दूसरों की बातों में आसानी से आ जाते हैं। वे ज्यादा चिंतन नहीं कर पाते और उसी से बेवजह यातना सहते हैं, पर बाद में उन्हें पछतावा होता है। हम सभी अपने परिवार समाज, पड़ोस और राष्ट्र में रहते हुए आसपास के व्यक्ति, उनके व्यवहार, घटना और कार्य को सुनते देखते, पढ़ते और मूल्यांकन करते हैं। कौन, कब, कहां, क्या किए, ज्यादा न सही कुछ तो जानकारी मिल ही जाती है। वे जो दुख सुख में काम आते हैं, किसी से भेदभाव नहीं करते, मुसीबत में खड़े होते हैं, निस्वार्थ मिलते हैं, सहयोग करते हैं जनहित में जिनका योगदान होता है। वे हर वक्त जब भी अवसर मिले सहायता के लिए तत्पर रहते हैं नाम और तारीफ की परवाह नहीं करते, खामोशी से कार्य करते हैं। ऐसे लोगों का परिचय उनके व्यक्तित्व से हो ही जाता है, उसे कोई नकार नहीं सकते। आज के माहौल में कभी न कभी, कहीं न कहीं अपनों से या गैरों से धोखा पाकर, यकीन करके, ठोकर, दुत्कार, बहकावे में आकर लोग बहुत कुछ सहकर सचेत हो चुके हैं। उनकी भलाई किसमें है वे अच्छी तरह जान गए हैं। इसलिए किसी पर अपने विचार थोपने की बजाय उन्हें अपनापन, विश्वास, सद्व्यवहार, क्षमा दया, करुणा, स्नेह, जितना अधिक दे सकते हैं दीजिए। एक जगह हैं तो एक दूसरे को जीवन के अनुकूल सुखद, शांत, सुरक्षात्मक वातावरण दीजिए। छल कपट, षड्यंत्र करके हम ज्यादा दिन किसी के दिल में नहीं रह सकते। आज हर किसी को प्रेमपूर्ण व्यवहार की जरूरत है। इंसान हैं किसी से नफरत मत कीजिए, प्यार से हर काम हो सकते हैं मन को शुद्ध सात्विक रखिए। पहले से हम किसी होनी अनहोनी, घटना दुर्घटना को नहीं जानते। जब हादसे से गुजरते हैं उस वक्त लोगों से जो व्यवहार हमें मिलता है, उसी से हमारी सोच और दिशा तय होती है। हम बुरे वक्त में ही अपने या पराए को पहचान पाते हैं। हर पग पर अनुभव मिलते हैं। कुछ तो हम अपने कर्मों से ही लिखते हैं, अपने जीवन के सुख दुख। क्या पाना या खोना यह हम पर निर्भर नहीं। कभी कभी हालात हमें सिखाती हैं जीने की कला। इसलिए सब कुछ भूलकर सही सोच रखिए, जीवन के प्रति सकारात्मक ही रहिए। किस्मत बदलती जरूर है, हर किसी को मौका मिलता है आगे बढ़ने का। पर समय की कीमत नहीं समझ पाते, वक्त रहते सही निर्णय नहीं लेते और पीछे हो जाते हैं। इसलिए अच्छा देते रहिए, वो मत करिए जो आपके स्वाभिमान के खिलाफ हो। वहीं करिए जिससे आत्मसंतुष्टि हो। हम रुकते नहीं बस अपने जीवन के अनुकूल ढलते समझते और रहते हैं। धोखे का चारों तरफ जाल होता है। सुखी वही जो अपने मन को हमेशा शांत रखते हैं। अपने ही दम पर जीने की कोशिश करते हैं। अपने और पराए मन का एक भाव है, वरना निभाने वाले कभी हैसियत रूप रंग, जाति मजहब, धर्म नहीं देखते। सुख और दुख में दोनों ही परिस्थिति में अंतिम सांस तक साथ रहते हैं। मन के मिलन से ही हर दुविधा दूर होती है, मस्तिष्क एकाग्र होता है। आपकी रुचि जिसमें है उसी पर मेहनत करिए और सफल होने की पूरी कोशिश कीजिए। जो संभावना है उसे निखारिए। लेकिन नकल करने में जब लग जाते हैं तो खुद की क्षमता भूल जाते हैं। औरों के अनुसार जीवन का सफर तय नहीं हो सकता। बिना पसंद के कार्य से ही हम निराश होते हैं, जो कार्य दिल को खुशी दे वही आपके लिए सही है। भ्रम की स्थिति में मत रहिए जो भी करें वह स्पष्ट हो। खुद को सही साबित करने के लिए किसी को गलत ठहराना पड़े तो समझ सकते हैं वो कैसे हैं। याद रखिए बुराई हम सभी में है। एक दूसरे को नीचा मत दिखाइए, जो पाना है अपनी काबिलियत से पाइए। अगर हर पल में एक सुखद अनुभूति पानी है हर बात को दिल में मत रखिए। किसी के व्यवहार से दुखी होना बंद कीजिए, जितने किसी की बात पर गंभीर होते हैं उतना ही जीवन गमगीन होता है। घुटन भरी जिंदगी से निकलिए और वही करने की कोशिश कीजिए जिससे सुकून मिले। सभी अपनी सुविधा, मूड और आवश्यकता अनुसार हमें व्यवहार देते हैं। हमें क्या असर पड़ेगा उनकी बातों का वे यह नहीं सोचते। बस जो आपके जीवन के लिए जरूरी है, जिससे आपके व्यक्तित्व का विकास हो, चरित्र का निर्माण हो, संस्कार मर्यादा बनी रहे, आपके कार्य से औरों को लाभ हो वहीं कीजिए। बहके नहीं किसी की मीठी बातों से, संभल कर रहिए। बिगाड़ने वाले को आपके संघर्ष, तकलीफ का पता नहीं होता। कितने जख्म मिले, दर्द से व्याकुल हुए वे यह नहीं देखते। लेकिन आपको हराने गिराने, बिगाड़ने और आपकी छवि धूमिल करने में एक पल भी नहीं लगाते। दिल वहीं लगाइए जहां आपकी भावनाओं की कद्र हो। जो व्यवहार, पद प्रतिष्ठा, सम्मान आप ईमानदारी से प्राप्त करते हैं, जिन रिश्तों से आपकी पहचान बनी है, जो जानते मानते और समझते हैं उन्हें संभाल कर रखिए। आपसे जलन रखने, नफरत करने वाले, बदले का भाव रखने वाले सबसे पहले जिससे आपकी मजबूती है उसी को तोड़ने और कमजोर करने की कोशिश करते हैं। पहले वे आपके प्रियजन, परिवार, मित्र, सगे संबंधी को दूर करने की कोशिश करते हैं। उनसे मनमुटाव झगड़े विवाद, बहस और संदेह उत्पन्न करने में लगे रहते हैं। इसलिए जिन्हें आप पसंद करते हैं, जिनसे जीवन की डोर बंधी है, जिन्होंने आपको हमेशा नई राह दिखाई है, आपके लिए त्याग तपस्या समर्पण किए, जिम्मेदारी निभाते हैं उनके विश्वास को कभी मत तोड़िए। जल्दबाजी में कोई निर्णय मत लीजिए। परिवार, मित्र, रिश्ते नाते आपके जीवन की सबसे बड़ी कमाई हैं, पहले उन्हें प्राथमिकता दीजिए। अच्छे स्वभाव और कार्य को किसी के लिए भी मत छोड़िए। जिम्मेदारी समझिए और अपनी योजना के अनुसार कार्य कीजिए। कई लोग जिंदगी में आते हैं, मिलते हैं, कमजोरी को देखते हैं और जीवन में हलचल, बेचैनी और व्याकुलता का तूफान देकर चले जाते हैं। याद रखिए हर कोई आपकी सिसकी से पिघलते नहीं, कुछ पत्थर बन जाते हैं। उन्हें अपने काम निकालने से मतलब होता है। दुनिया में कमी नहीं है चालाक और षड्यंत्रकारी लोगों की, किसी की बातों में बिना सोचे ही विश्वास मत कीजिए। हममें पहचान करने की क्षमता होनी चाहिए, कौन कैसे हैं, नहीं तो हम यूं बेवजह चलते रहेंगे बिना मंजिल की राह में और हासिल कुछ नहीं कर पाएंगे। सामना कीजिए समस्याओं का, किसी भी परिस्थिति में भागे नहीं। सरल बनिए, बदला मत लीजिए। हर कड़वाहट की घूंट को पीकर आगे बढ़ते रहिए। हमें अपने कर्म, रिश्ते और सोच के प्रति वफादार रहना जरूरी है। पल पल जो बदल जाते हैं हर किसी के बात में आकर, जिनके जीवन का कोई नियम या अनुशासन नहीं होता वे कहीं भी सफल नहीं होते। जो दूसरों के मोहताज रहते हैं ऐसे लोग मानसिक द्वंद्व से घिरे होते हैं। जो दिल से अच्छे सच्चे और व्यावहारिक होते हैं कभी किसी के साथ गलत नहीं करते। याद रखिए, सच एक दिन सामने आता है। और ऐसे कोई नहीं जो सदा ही शक्तिशाली रहेंगे, कुछ भी करने से पहले आत्मा की आवाज जरूर सुनिए वहां हमेशा सही फैसला होता है।







