अल्मोड़ा बेस अस्पताल में नवजात शिशुओं के इलाज के लिए आधुनिक मशीनों की स्थापना वरदान साबित।

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मीडिया प्रभारी अल्मोडा़ः दिनेश भट्ट

 

                (नया अध्याय, देहरादून)

 

 

 

अल्मोड़ा बेस अस्पताल में नवजात शिशुओं के इलाज के लिए आधुनिक मशीनों की स्थापना वरदान साबित।

 

 

         अल्मोड़ा:  सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल, अल्मोड़ा में नवजात शिशुओं (Neonates) के इलाज के लिए आधुनिक मशीनों की स्थापना से चिकित्सा सेवाओं में लगातार सुधार हो रहा है। अस्पताल में अत्याधुनिक एनआईसीयू (NICU) के तहत स्थापित मशीनें नवजात शिशुओं के जीवन रक्षा में वरदान साबित हो रही हैं।

 

प्रमुख मशीनें और उनकी विशेषताएं:

 इंक्यूबेटर मशीन (Incubator):

 

विभागाध्यक्ष एवं नवजात शिशु सुपरस्पेशलिस्ट (DM) डॉ. सुमित जीना ने बताया कि यह एक ऐसी विशेष मशीन है जिसमें समय से पूर्व (28 से 30 सप्ताह) जन्मे और एक किलो से कम वजन वाले बच्चों को रखा जाता है। इतने छोटे बच्चों के अंगों का विकास पूरी तरह नहीं हुआ होता है। इस मशीन के जरिए बच्चे का तापमान एक जैसा बनाए रखा जाता है, जिससे बच्चे ‘हाइपोथर्मिया’ (Hypothermia) जैसी गंभीर स्थिति से सुरक्षित रहते हैं। इसमें बच्चों को करीब 2 हफ्ते तक रखकर ह्यूमिडिटी (Humidity) को नियंत्रित करते हुए धीरे-धीरे कम किया जाता है।

 

 थेराप्यूटिक हाइपोथर्मिया मशीन (Therapeutic Hypothermia):

 डॉ.जीना ने बताया कि इस मशीन में उन बच्चों को रखा जाता है जो जन्म के बाद तुरंत रोते नहीं हैं, जिनका वजन 2 किलो से ज्यादा तथा गर्भ अवधि 35 सप्ताह या उससे अधिक होती है, और जो जन्म के 6 घंटे के भीतर अस्पताल में भर्ती होते हैं।

कैसे कार्य करती है थेराप्यूटिक हाइपोथर्मिया मशीन?

इस मशीन के माध्यम से बच्चे के दिमाग के साथ पूरे शरीर की कूलिंग (Cooling) 72 घंटे तक की जाती है। तापमान को 33.5°C पर फिक्स रखा जाता है, और अगले 12 घंटों में धीरे-धीरे तापमान बढ़ाकर सामान्य किया जाता है। इससे बच्चे के मस्तिष्क का मेटाबॉलिज्म कम होता है और शरीर में टॉक्सिक पदार्थ कम पैदा होते हैं, जिससे दिमागी कोशिकाओं (Brain Cells) को डैमेज होने से बचाया जाता है।

क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि:

इस तरह की अत्याधुनिक मशीनें अमूमन एम्स (AIIMS) जैसे उच्चस्तरीय संस्थानों में ही उपलब्ध होती हैं। कुमाऊं और बरेली के मेडिकल कॉलेजों एंव अस्पताल को मिलाकर भी अल्मोड़ा में यह सुविधा पहली बार उपलब्ध कराई गई है। अल्मोड़ा बेस अस्पताल में इन आधुनिक सुविधाओं के जुड़ने से नवजात शिशुओं के उपचार में एक नया मील का पत्थर साबित हो रहा है।

     

 

अस्पताल के प्रिंसिपल डॉ. तितीयाल (Principal Dr.Titiyal) ने भी इस पर जानकारी देते हुए कहा है कि भविष्य में अस्पताल में और भी बेहतर मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे क्षेत्रवासियों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य लाभ मिल सके।

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