राजेंद्र रंजन गायकवाड
(सेवा निवृत्त केंद्रीय जेल अधीक्षक)
विलासपुर, छत्तीसगढ़
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
लालची की पहचान
लालची आदमी की पहचान इन व्यवहारों और आदतों से की जा सकती है पहला, कभी संतुष्ट नहीं होता: जितना भी मिल जाए, हमेशा “और चाहिए” वाली मानसिकता उसकी रहती है। सफलता या फायदे के बावजूद शिकायत या तुलना करते रहता है। अपना रोना रोता है,, उसे उधर माँगो तो यहां तक धमकी देता है,, मैं क्या फांसी लगा लूं,,
लालची आदमी स्वार्थ सबसे ऊपर अपने स्वार्थ को रखता है, दूसरों की मदद तभी करता है जब खुद को फायदा दिखे, बिना फायदे के काम से कतराता है या शर्तें लगाता है, लेकिन अपनी शान शौकत में कमी नहीं करता।
पैसे/संपत्ति पर अत्यधिक फोकस, बातचीत में बार-बार पैसे, दौलत, सौदों या “कितना मिला” की चर्चा करता है, दूसरों की सफलता को ईर्ष्या से देखता है,किसी की मुसीबत में काम नहीं आता, उल्टा नैतिकता की दुहाई देता है।
लालची आदमी हर चीज देने में कंजूसी करता है, लेने में चालाकी के लिए कभी विक्टिम कार्ड खेलेगा, कभी भावनाओं की दुहाई देगा। वह खुद खर्च या साझा करने से बचता है लेकिन दूसरों से लेने या फायदा उठाने में तेज रहता है, छोटे-छोटे मामलों में भी हिसाब-किताब रखता है।
झूठ बोलना, वादा तोड़ना और बहाने बनाना,, उसकी जन्मजात आदत होती है। जब खुद को नुकसान दिखे तो वादे भूल जाता है, शर्तें बदल देता है या दूसरों को दोष देता है।
ज्यादातर लेन-देन वाली सोच: रिश्तों को भी फायदे-नुकसान के तराजू पर तौलता है। “मुझे इससे क्या मिलेगा?” वाली मानसिकता साफ झलकती है।
हर लालची आदमी ईर्ष्या और तुलना करता है, दूसरों के पास जो है उसे देखकर बेचैन हो जाता है, और अपनी उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ाकर बताता है इंप्रेशन जमाने के लिए।
व्यवहार में कैसे दिखता है, समूह में फैसला लेते समय अपना हित सबसे पहले रखता है।
उपहार, मदद या समय देने में हिचकता है, लेकिन लेने में आगे रहता है। छोटी-छोटी बातों पर भी “मेरा नुकसान हो गया” वाला रवैया अपनाता है। लंबे समय तक साथ रहने पर रिश्ते एकतरफा महसूस होते हैं, आप देते रहते हैं, वह लेता रहता है।
मित्रों ध्यान रखने वाली बात यह है कि लालच कभी-कभी जरूरत, असुरक्षा या आदत से भी पैदा होता है। एक-दो घटनाओं से फैसला न करें पैटर्न देखें। लालची आदमी किस ट्रैक और तरीके से आपकी चूना लगा रहा है ? सटीक बहाने बच्चा, मां बाप बीमार, फीस भरना है, बिजली बिल जमा करना है।
अगर कोई लगातार खुद को सबसे ऊपर रखता है और दूसरों का शोषण करता है, तो वह लालची प्रवृत्ति का संकेत है। ऐसे लोगों से दूरी बनाए रखना, साफ सीमाएं तय करना और अपने हितों की रक्षा करना ही सबसे अच्छा तरीका है। आप देखेंगे आपके आसपास कितने लालची लोग हैं? दोस्त और रिश्तेदार आम तौर पर इमोशनल गेम खेलते हैं। इनके गेम में इनकी बीबी, बच्चे और मां बाप भी अपवाद छोड़कर शामिल होते हैं।
सावधान रहें,, अपनी मेहनत के पैसा अपनी मुसीबत या बुढ़ापे को संभाले,, घड़ियाली आंसू पहचाने ,, जनहित में लेख जारी,







