सम्पादक रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
जागतोली दशज्यूला महोत्सव में लोक संस्कृति की छटा महिला मंगल दलों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां, अनूप नेगी व कंचन भण्डारी के गीतों पर देर सांय तक झूमे दर्शक।
ऊखीमठः दशज्यूला क्षेत्र की हृदयस्थली जागतोली के विशाल क्रीड़ा मैदान में आयोजित पांच दिवसीय जागतोली दशज्यूला महोत्सव के तीसरे दिन लोक संस्कृति के विविध रंग देखने को मिले। जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत ने बतौर मुख्य अतिथि तथा राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। स्थानीय महिला मंगल दलों की मनमोहक प्रस्तुतियों के साथ लोक गायक अनूप नेगी व कंचन भण्डारी की शानदार प्रस्तुतियों ने देर सांय तक महोत्सव में समां बांधे रखा।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत ने कहा कि जागतोली दशज्यूला महोत्सव केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि हमारी लोक संस्कृति, परंपराओं और सामुदायिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। पहाड़ की पहचान उसके गांवों, लोकगीतों, लोकनृत्यों और पारंपरिक जीवनशैली से है। इन्हें संरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने के साथ ही क्षेत्र में सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने महोत्सव की निरंतरता के लिए आयोजकों और क्षेत्रीय जनता को शुभकामनाएं दीं। राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत ने कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति की असली ताकत हमारे गांवों और हमारी मातृशक्ति में निहित है। महिला मंगल दलों ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद लोक परंपराओं की मशाल को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जलाए रखा है। ऐसे मंच महिलाओं की प्रतिभा को सामने लाने के साथ उन्हें अपनी सांस्कृतिक पहचान को अभिव्यक्त करने का अवसर भी देते हैं। उन्होंने कहा कि जब गांव की महिलाएं अपनी परंपराओं को मंच पर जीवंत करती हैं तो वह केवल एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं होती, बल्कि अपनी जड़ों और अपनी पहचान को बचाए रखने का संदेश भी देती है। उन्होंने महोत्सव को लोक संस्कृति और महिला सहभागिता का सुंदर संगम बताया।
महोत्सव में स्थानीय महिला मंगल दलों ने पारंपरिक लोकगीतों और लोकनृत्यों की आकर्षक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं की प्रस्तुतियों में पहाड़ की जीवनशैली, रीति-रिवाज और सांस्कृतिक विरासत की जीवंत झलक दिखाई दी। प्रस्तुतियों के दौरान पूरा महोत्सव स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। इसके बाद लोक गायक अनूप नेगी और कंचन भण्डारी ने अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में रंग जमा दिया। दोनों कलाकारों के गीतों पर दर्शक देर सांय तक झूमते रहे। लोकधुनों की स्वर लहरियों से जागतोली का विशाल क्रीड़ा मैदान देर रात तक गुंजायमान रहा।

महोत्सव में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया। तीसरे दिन महोत्सव स्थल पर दिनभर मेले जैसा माहौल बना रहा। महोत्सव अध्यक्ष जयवर्धन काण्डपाल व महासचिव कालिका काण्डपाल ने कहा कि महोत्सव का मूल उद्देश्य दशज्यूला क्षेत्र की समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ स्थानीय कलाकारों एवं प्रतिभाओं को उचित मंच प्रदान करना है। महोत्सव का संचालन राजेन्द्र काण्डपाल, वीरेन्द्र बर्त्वाल व नमिता काण्डपाल ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर मन्दाकिनी शरदोत्सव अध्यक्ष हर्षवर्धन बेजवाल, कार्तिकेय मन्दिर समिति अध्यक्ष बिक्रम सिंह नेगी, जिला पंचायत सदस्य गम्भीर बिष्ट, पवन कुमार, किरन देवी, किरन नौटियाल, विमला देवी, भाजपा मण्डल अध्यक्ष अर्जुन नेगी, महामंत्री दीपक नेगी, दुर्गा करासी, संजय नेगी, विजयपाल कठैत, हर्षवर्धन जग्गी, दलवीर नेगी, नरेन्द्र मलवाण, आशीष पुरोहित सहित महोत्सव पदाधिकारी, सदस्य, जनप्रतिनिधि व दर्शक मौजूद रहे।






