सम्पादक रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
दस वर्षों से सड़क की राह देख रहा बष्टी तोक।
ग्रामीणों ने श्रमदान से शुरू किया मोटर मार्ग निर्माण।
मदमहेश्वर घाटी की ग्राम पंचायत गैड़ का बष्टी तोक
आज भी यातायात से वंचित।
उत्पादों के विपणन में ग्रामीणों को उठानी पड़ रही परेशानी ।
ऊखीमठः मदमहेश्वर घाटी की ग्राम पंचायत गैड़ का बष्टी तोक आज भी सड़क सुविधा से वंचित है। मोटर मार्ग से जोड़ने की मांग को लेकर ग्रामीण पिछले दस वर्षों से प्रयासरत थे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं होने पर मंगलवार को ग्रामीणों ने स्वयं श्रमदान कर मोटर मार्ग निर्माण कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों की इस पहल ने एक बार फिर दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और सरकारी प्रयासों की आवश्यकता को उजागर किया है।
बष्टी तोक में मोटर मार्ग का अभाव ग्रामीणों के लिए लंबे समय से परेशानी का सबब बना हुआ है। विशेषकर कृषि एवं अन्य उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में ग्रामीणों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क सुविधा नहीं होने से उत्पादों के विपणन में दिक्कतें आती हैं, जिससे ग्रामीणों की मेहनत और आजीविका दोनों प्रभावित होती हैं। इसके बावजूद दस वर्षों से चली आ रही मांग पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में निराशा बनी हुई थी।
आखिरकार ग्रामीणों ने अपनी समस्या के समाधान की दिशा में स्वयं पहल करने का निर्णय लिया। मंगलवार को ग्रामीण एकजुट होकर श्रमदान के लिए आगे आए और बष्टी तोक को यातायात से जोड़ने के उद्देश्य से मोटर मार्ग निर्माण कार्य शुरू किया। ग्रामीणों की यह पहल क्षेत्र में सड़क सुविधा की आवश्यकता को रेखांकित करने के साथ ही सामूहिक सहभागिता और आत्मनिर्भरता का उदाहरण भी प्रस्तुत करती है।



मदमहेश्वर घाटी के दूरस्थ गांवों में सड़क जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव विकास की राह में बड़ी चुनौती बना हुआ है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी पहल के बाद संबंधित विभाग और शासन-प्रशासन भी समस्या के समाधान के लिए गंभीरता से कदम उठाएंगे, ताकि बष्टी तोक को जल्द यातायात सुविधा से जोड़कर ग्रामीणों को उत्पादों के विपणन सहित दैनिक आवागमन में राहत मिल सके।








