सम्पादक रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
लिखित आश्वासन पर बष्टी में श्रमदान समाप्त।
ग्रामीणों को सड़क निर्माण की जगी उम्मीद।
राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट की अध्यक्षता में ग्रामीणों
और लोनिवि अधिकारियों के बीच हुई वार्ता।
ऊखीमठः मदमहेश्वर घाटी की ग्राम पंचायत गैड़ के बष्टी तोक को यातायात से जोड़ने की मांग को लेकर ग्रामीणों द्वारा चलाया जा रहा श्रमदान लिखित आश्वासन मिलने के बाद समाप्त हो गया है। शनिवार को राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट की अध्यक्षता में ग्रामीणों और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के बीच संयुक्त बैठक हुई। इसमें विभागीय अधिकारियों ने बष्टी तोक को सड़क से जोड़ने के लिए आवश्यक पत्रावली शीघ्र तैयार करने का लिखित आश्वासन दिया।
गौरतलब है कि बष्टी तोक के ग्रामीण पिछले दस वर्षों से गांव को मोटर मार्ग से जोड़ने की मांग कर रहे थे। सड़क सुविधा के अभाव में ग्रामीणों को अपनी कृषि उपज बाजार तक पहुंचाने और उसके विपणन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। लंबे समय से मांग पूरी नहीं होने पर ग्रामीणों ने स्वयं श्रमदान कर मोटर मार्ग निर्माण की पहल की थी। ग्रामीणों ने चार दिनों के श्रमदान में लगभग तीन सौ मीटर सड़क तैयार कर शासन-प्रशासन का ध्यान अपनी समस्या की ओर खींचा।
ग्रामीणों का कहना था कि जब तक सड़क निर्माण की दिशा में ठोस पहल का लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक श्रमदान समाप्त नहीं किया जाएगा। इस बीच राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट ने पहल करते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच वार्ता कराई। बैठक में लोक निर्माण विभाग अधिशासी अभियन्ता इन्द्रजीत बोस ने सड़क निर्माण से संबंधित पत्रावली शीघ्र तैयार करने का लिखित आश्वासन दिया।

लिखित आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने श्रमदान समाप्त करने की घोषणा की। इससे बष्टी तोक को सड़क सुविधा से जोड़ने की उम्मीद जगी है। अब ग्रामीणों की निगाहें विभागीय कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि पत्रावली तैयार कर सड़क निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो वर्षों से यातायात सुविधा की बाट जोह रहे बष्टी तोक के ग्रामीणों को बड़ी राहत मिल सकती है। इस मौके पर प्रधान राजेन्द्र पंवार, प्रधान गडगू सरिता नेगी, पूर्व प्रधान नरेन्द्र पंवार, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य संगीता देवी, विजया देवी, रजनी देवी, बलवीर राणा, गजेन्द्र सिंह पंवार, भगत सिंह राणा, बीरबल सिंह राणा, राकेश राणा, कुलदीप सिंह सिंह पंवार, बलवन्त सिंह राणा, एई नरेन्द्र कुमार मौजूद रहे।








