ब्यूरो कुमाऊं : दयानन्द कठैत (अल्मोड़ा)
बागेश्वर जिले में कई मकान व आंगन चढ़े आपदा की भेंट।
जिले में लगातार भारी बारिश से आपदा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिले में अबतक लगभग पांच मकान व आंगन चढ चुके हैं आपदा की भेंट , जिसके कारण लगभग 21 लोग बेघर हो चुके हैं जिन्होंने सुरक्षित जगहों का रुख कर लिया है। पीड़ित परिवार जिला प्रशासन से मिलने वाली मदद की आस लगाए बैठे हैं। इसके अलावा 14सड़कों पर भारी मात्रा में बोल्डर तथा मलवा आ जाने से यातायात बूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। तहसील कपकोट के गांसी गांव, बलवंत सिंह पुत्र फते सिंह का मकान व आंगन ध्वस्त हो गया, चौड़ा गांव के अमर राम पुत्र मग राम का मकान व आंगन ध्वस्त हो गया। गरूड़ के गनीगांव निवासी पूरन सिंह पुत्र मोहन सिंह का मकान आंगन सहित, सुन्दर सिंह रावल पुत्र कुशल सिंह रावल का मकान व आंगन,कांडा तहसील के भंतोला निवासी किशन राम पुत्र जोगा राम का मकान ध्वस्त हो गए।काफलीगैर में भी इस आपदा से कमल किशोर पुत्र सुन्दर लाल का आवासीय मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। 28जुलाई की रात तेज आकाशीय बिजली कड़कने से कई लोगों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, पंखे, बल्ब व अन्य उपकरण फुक गए।
सोमवार की सुबह काफी तेज बारिश हुई जिससे धरमघर मोटर मार्ग पर मलवा आ जाने से छातीखेत के पास शवयात्री जो महोली गांव के थे, लगभग डेढ़ घंटे तक फंसे रहे। स्थानीय निवासी दिनेश गड़िया ने बताया कि कपकोट के उपजिलाधिकारी ने लोडर मशीन भेजी, जिसके बाद शव को श्मशान घाट तक पहुंचाया गया। रमेश राम, रणजीत राम व नंद राम आदि ने बताया कि सड़कें बार बार बंद हो रही हैं जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
बागेश्वर जिले की, जिला आपदा अधिकारी-शिखा सुयाल ने कहा कि बंद सड़कों को खोला जा रहा है।छह सड़कों पर यातायात सुचारू कर दिया गया है, अन्य आठ सड़कों को भी शीघ्र खोलने का प्रयास जारी है। आपदा प्रभावितों को सहायता राशि वितरित की जा रही है।







