उत्तराखंड WECD और दोस्त लर्निंग फाउंडेशन ने राज्य भर में प्रारंभिक बचपन के विकास को सशक्त बनाने हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

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मीडिया प्रभारीः दिनेश भट्ट

 

         (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)

 

 

उत्तराखंड WECD और दोस्त लर्निंग फाउंडेशन ने राज्य भर में प्रारंभिक बचपन के विकास को सशक्त बनाने हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

 

 

                           अल्मोड़ाः  महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग (WECD), उत्तराखंड सरकार और दोस्त लर्निंग फाउंडेशन ने देहरादून स्थित निदेशालय परिसर में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर कर अपनी साझेदारी को औपचारिक रूप से नवीनीकृत किया।

 

समझौता ज्ञापन पर बंशीधर राणा, निदेशक, WECD उत्तराखंड तथा ऋचा शुक्ला, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), दोस्त लर्निंग फाउंडेशन द्वारा हस्ताक्षर किए गए। यह साझेदारी राज्य में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

इस अवसर पर सरोज त्रिपाठी, ECCE नोडल अधिकारी (WECD), तथा दोस्त लर्निंग फाउंडेशन से दिशा रजवार (ऑपरेशन मैनेजर), अरुण मिश्रा (ऑपरेशन मैनेजर) एवं राजू मेहर (दोस्त प्रतिनिधि) उपस्थित रहे।

 

साझेदारी का उद्देश्य उत्तराखंड सरकार की प्रमुख ECCE पहलों — नवचेतना, आधारशिला एवं पोषण भी पढ़ाई भी अभियान — के प्रभावी क्रियान्वयन को गति प्रदान करना है। इस सहयोग के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों की गुणवत्ता में सुधार, परिवारों की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा तथा बच्चों के समग्र विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

 

नवीनीकृत समझौते के अंतर्गत दोस्त लर्निंग फाउंडेशन राज्य के सभी 13 जिलों में अपने कार्यक्रमों के माध्यम से सहयोग जारी रखेगा। संस्था डिजिटल शिक्षण सहायता, कहानी-आधारित भाषा विकास, समुदाय आधारित गतिविधियों तथा मॉडल आंगनवाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण जैसे नवाचारों के माध्यम से विभाग के प्रयासों को और मजबूत करेगी।

 

अधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि बच्चों के जीवन के प्रारंभिक वर्ष उनके भविष्य की सीखने की क्षमता, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास की नींव रखते हैं। इसलिए परिवारों, समुदायों और आंगनवाड़ी केंद्रों के बीच मजबूत सहयोग स्थापित करना अत्यंत आवश्यक है।

यह साझेदारी राज्य में प्रत्येक बच्चे तक विकास, सीखने और देखभाल के अवसर पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो उत्तराखंड को बाल-अनुकूल और सीखने को प्रोत्साहित करने वाले वातावरण के निर्माण में और आगे ले जाएगी।

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