अक्षिता जाँगिड़
जयपुर, राजस्थान
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
ये नया नया सा इश्क,
आपसे मिलने के बाद हो रहा है
कुछ बातें हो रही है,
तो कुछ अपना सा हो रहा है
कभी रहा एक कच्चा सा घड़ा
गुजरते हर दिन से पक्का हो रहा है
बेशक आपसे मिलने के बाद
मुझे ये इश्क नया सा हो रहा है
सीमा से परे ये बातें अनगिनत
कुछ -2 अपना महसूस हो रहा है
कमी सी पूरी इस जीवन में हुई
जीने का प्यारा अहसास हो रहा है
प्यार में शब्दों की कमी छिपी
कहानी का नया किरदार हो रहा है
इश्क़ तो मैंने कई बार सुना
पर आपसे इश्क कुछ अलग हो रहा है
मिलने को आतुर ये पर ये परिंदे
कविता का बेशक निर्माण हो रहा है
आपसे मिलकर आपके हुए, अब
इंतजार भी केवल आपका हो रहा है
ये नया नया सा इश्क मुझे
मिलकर आपके बाद हो रहा है
कमी सी पूरी इस जीवन में हुई
कहानी का नया किरदार हो रहा है
“महसूस हो ये इश्क
केवल और केवल
अब आपसे हो रहा है !!”







