संवाददाता कन्नौज (उ. प्र.): दीप सिंह
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)


पान की खेती में वैज्ञानिक तकनीक अपनाने पर जोर, 50 किसानों ने लिया प्रशिक्षण।
कन्नौज: पान की खेती को अधिक लाभकारी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए उन्नाव के 50 किसानों को आधुनिक उत्पादन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स फॉर वेजिटेबल, उमर्दा में ‘गुणवत्तायुक्त पान उत्पादन को प्रोत्साहन योजना’ के तहत आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण में विशेषज्ञों ने किसानों को खेती से लेकर फसल के भंडारण तक की तकनीकी जानकारी दी।
प्रशिक्षण में किसानों को बरेजा निर्माण, अच्छी गुणवत्ता की पान बेल का चयन, बेल शोधन और बेल बांधने की सही विधि के बारे में बताया गया। साथ ही तुड़ाई के बाद पान की पत्तियों को सुरक्षित रखने तथा गुणवत्ता बनाए रखने के तरीके भी समझाए गए।
चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शंकर सिंह ने किसानों को पान उत्पादन की वैज्ञानिक विधियों की जानकारी दी। वहीं एलाइट कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन, बांगरमऊ के असिस्टेंट प्रोफेसर प्रमोद कुमार ने भूमि शोधन, सिंचाई प्रबंधन तथा फसल में लगने वाले रोगों और कीटों की पहचान व नियंत्रण के उपाय बताए।
विशेषज्ञों ने किसानों की ओर से पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए खेती से जुड़ी समस्याओं के समाधान भी बताए। प्रशिक्षण का उद्देश्य पान की खेती में वैज्ञानिक तकनीकों को बढ़ावा देकर उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार के साथ किसानों की आय बढ़ाने में मदद करना रहा।
इस अवसर पर सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स के प्रभारी प्रवीन कुमार, सहायक उद्यान निरीक्षक रोहित कुमार, उद्यान विशेषज्ञ कुंवर वैभव प्रताप सिंह, प्लांट पैथोलॉजिस्ट बृजभान सिंह और कीट विशेषज्ञ जितेन्द्र कुमार सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।







