राजेन्द्र रंजन गायकवाड़
(सेवानिवृत्त जेल अधीक्षक)
बिलासपुर, छत्तीसगढ़
उलझने की कोशिश न कर
जिंदगी को जी, उलझने की कोशिश न कर,
अपनी चाल चल,भागने की कोशिश न कर।
दिल खोलकर साँस ले, खुली हवा के साथ,
अंदर-ही-अंदर, घुटने की कोशिश न कर।
कुछ बातें छोड़ दे, समय के फैसले पर,
हर गुत्थी सुलझाने की, कोशिश न कर।
सादगी रख जीवन में, दिखावा क्या करना,
मन साफ रख, फंसाने की कोशिश न कर।
ज़िंदगी है बही खाता, जमा कर भले काम,
खाली थैली भरने की, नाहक कोशिश न कर।







