सुश्री सरोज कंसारी
कवयित्री/लेखिका/अध्यापिका
अध्यक्ष: दुर्गा शक्ति समिति,
गोबरा नवापारा-राजिम,
रायपुर, (छत्तीसगढ़)
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
“जिज्ञासा भी है एक शक्ति”
(कविता)
समय की आँधी देखो!
दूर से है पुकारती,
कितने अनुभवों के मध्य,
एक अनुभूति ये कराती।
निराशा के गर्त में न डूबो,
संबल दो इस मन को आज फिर,
पूरी उत्सुकता से बढ़ो आगे,
निष्काम न बैठो आज फिर।
आज ज़िंदगी की राहों में,
राह कोई निकालो ऐसी,
न करो चिंता कल की तुम,
एक पल को ही अपना लो तुम,
अपने आज में जी लो तुम।
संवेदनशीलता व जिज्ञासा
भी एक शक्ति है,
समय की रफ्तार से आज,
बुलंद करो अपने वजूद को,
समय की ये माँग है,
न बैठो मन को मारे तुम।







