रचनाकार – बाल कवि अनुराग बघेल
बिजराकापा खुर्द मुंगेली (लोरमी) छ.ग.
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
भारत का भविष्य
ज्ञान-विज्ञान की राह पर, आगे कदम बढ़ाएगा।
विश्व पथ पर भारत मेरा, एक दिन धूम मचाएगा।।
छोड़ पुरानी रूढ़ियों को, नया इतिहास रचाएगा।
इस मिट्टी का हर बच्चा, अब उज्ज्वल भविष्य बनाएगा।।
खेत-खलिहान और कारखानें, प्रगति का गीत सुनाएँगे।
मेहनत और ईमानदारी से, हम एकता का हाथ मिलाएँगे।।
भेदभाव की दीवारें मिटेंगी, नई दुनिया का दौर आएगा।
सच्चाई और अच्छाई की राह पर, पूरा देश मुस्कुराएगा।।
ज्ञान की पावन गंगा से, अज्ञान की बुराई मिटाएँगे।
आत्मनिर्भर भारत बनाकर, जग में शीश उठाएँगे।।
युवा शक्ति को पंख लगेंगे, छू लेंगे हम आसमान।
हर संकट को पार करेगा, मेरा भारत देश महान।।
नया सवेरा, नई उमंग, हर दिल में विश्वास जगाएगा।
वीर सपूत बलिदानी, सुंदर भारत का कर्तव्य निभाएगा।।
हाथों में लेकर तिरंगा, हम नई बुलंदियाँ पाएँगे।
विश्वगुरु के सिंहासन पर, भारत को पुनः बिठाएँगे।।







