राजेंद्र रंजन गायकवाड
(सेवा निवृत्त केंद्रीय जेल अधीक्षक)
मैनपाट, छत्तीसगढ़
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
जिंदगी का क्रिकेट मैच
(कविता)
जिंदगी एक क्रिकेट मैच है
रन रेट कम हैं, विकेट बढ़ रहे हैं
मैदान पे खड़ा खिलाड़ी है हैरान
बैटिंग कर रहा है जिंदगी की इनिंग की
हर बॉल पे सवाल, हर शॉट पे हिसाब है
रन तो बामुश्किल से आ रहे हैं, दोस्त
पर विकेट गिर रहे हैं एक के बाद एक
युवावस्था थी जैसे पावरप्ले गेम था
छक्के-चौके लगाने का मौका था
अब मिडिल ओवर चल रहे हैं ‘रंजन ‘
डॉट बॉल पे डॉट बॉल, प्रेशर बढ़ रहा है
पार्टनर चले गए, साझेदारी टूट गई
देखने सुनने के लिए सभी के
स्कोरबोर्ड पे धीरे -धीरे रन बढ़ रहे हैं
पर विकेट काउंटर तेजी से भाग रहा है
आज अनुभव नाम का स्पिनर आया है
उम्र नाम का अब यॉर्कर फेंक रहा है
गोया सपनों के स्टंप उखड़ रहे हैं.
सभी इच्छाओं की बैटिंग ठहर गई है
हां, कुछ रन तो बने थे खुशियों के
पर लॉस का मुकाबला बाकी है.
अंपायर टाइम बता रहा है,बारबार
लाइट्स पता नहीं क्यों मंद हो रही है
आख़िरी ओवर में खड़े हैं हम
रन रेट गिर चुका है, बुरी तरह
विकेट बचाने की कोशिश में
मैच पे मैच हारते जा रहे हैं
फिर भी बैट थामे खड़े हैं।
शायद कोई बाउंड्री लग जाए
शायद कोई पार्टनरशिप जम जाए
ज़िंदगी का ये क्रिकेट मैच
रन कम, विकेट ज्यादा
पर खेलना तो है अंत तक
क्योंकि मैदान छोड़ने से पहले
एक आखिरी शॉट तो मारना तो है।






