तँय प्रभु राम जइसन बन

Spread the love

 

अशोक कुमार यादव 

मुंगेली, छत्तीसगढ़

                 (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)                                               (w) 6395080071

 

 

     तँय प्रभु राम जइसन बन

 

रेंग तँय ह सत के रद्दा म, असत ले छोड़ा ले पाछू।

आखिर म जीत होही तोर, रहिबे सब जन ले आगू।।

 

दाई-ददा के सेवा कर, जीते-जियत म मत दे दुख।

सियान के कहना ल मान, बाद म पाबे तँय ह सुख।।

 

पर नारी ल माता मान, झन लगा ओखर बर बानी।

रावन घलो ह नइ बाँचिस, जेन ह रहिस अभिमानी।।

 

अदि करना हे त मदद कर, गरीब मन के कर भला।

तोला दुआ मिलही उँकर, मन म खुशी के दीया जला।।

 

मितान मेर निभा मितानी, सुख-दुख म संग दे ओला।

आगू-के-आगू ले कर बूता, तभे जम्मो सहराहीं तोला।।

 

गुरु के हरदम कर बंदना, ओखर मत करबे अपमान।

तँय ह सबले बढ़िया बनबे, जग म पाबे खूब सम्मान।।

 

जब भी बोल गुरतुर बोल, हमेशा काम के पूरता बोल।

चारी-खोदारी ले दुरिहा रह, जिनगी म महुरा मत घोर।।

 

लड़ई, झगरा ले कोनों नइ बने, होथे ग बिंदरा-बिनास।

छीन भर के गुस्सा हे अंगरा, जरो के करथे सत्यानाश।।

 

दारु, मंद के चक्कर छोड़, जियन दे बोकरा, कुकरी ल।

पढ़-लिख के लायक बन, गियान मंतर फूँक फूँकनी म।।

 

एकता ले रहव जुरमिल, देश बिकास खातिर काम कर।

फेर आही संगी रामराज, तँय तो प्रभु राम जइसन बन।।

 

 

  • Related Posts

    क्या यह कम्युनिस्ट अराजकता की दस्तक है?

    Spread the love

    Spread the love  आर.सूर्य कुमारी                    (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)                           …

    वफा! 

    Spread the love

    Spread the love    राजेंद्र रंजन गायकवाड                                           (सेवा निवृत्त केंद्रीय…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    क्या यह कम्युनिस्ट अराजकता की दस्तक है?

    • By User
    • October 20, 2026
    • 7 views
    क्या यह कम्युनिस्ट अराजकता की दस्तक है?

    वफा! 

    • By User
    • October 20, 2026
    • 8 views
    वफा! 

    असत्य पर सत्य की विजय

    • By User
    • October 20, 2026
    • 10 views
    असत्य पर सत्य की विजय

    जितना हो सकें शक्ति का संचय कीजिए, अपनी ऊर्जा यूं ही बेवजह के तनाव में व्यर्थ मत किजिए।

    • By User
    • October 20, 2026
    • 7 views
    जितना हो सकें शक्ति का संचय कीजिए, अपनी ऊर्जा यूं ही बेवजह के तनाव में व्यर्थ मत किजिए।

    कर्मफल  (भाग 5)  

    • By User
    • October 20, 2026
    • 9 views
    कर्मफल   (भाग 5)   

    दशहरा (विधा- कविता)

    • By User
    • October 20, 2026
    • 7 views
    दशहरा (विधा- कविता)