बलिदानी विनोद सिंह का पार्थिव शरीर उनके आवास अठुरवाला में लाया गया, एक झलक पाने को लगी भीड़

Spread the love

डोईवाला।  जम्मू के कठुआ जिले में आतंकवादी हमले में अठुरवाला निवासी नायक विनोद सिंह भंडारी का बलिदान हो गया। बलिदानी विनोद सिंह का पार्थिव शरीर उनके आवास अठुरवाला में लाया गया। जहां बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय क्षेत्रवासी बलिदानी को अपनी श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्र हुए। इस दौरान वातावरण ‘भारत की जय के नारों’ से गूंज उठा। बलिदानी विनोद सिंह का अंतिम संस्कार बुधवार को पूर्णानंद घाट ऋषिकेश में किया जाएगा।

विनोद सिंह मूल रूप से ग्राम चौण्ड, पो-खंडोगी खास पट्टी टिहरी गढ़वाल के निवासी थे। पिछले 7 वर्षों से उनका पूरा परिवार डोईवाला के अठुरवाला में रह रहा है। बलिदानी विनोद सिंह के पिता वीर सिंह भंडारी व चाचा शूरवीर सिंह भी सेना के बंगाल इंजीनियरिंग विंग से सेवानिवृत्त हैं। विनोद सिंह अपने घर के इकलौते बेटे थे। उनके अलावा उनकी तीन बहनें हैं। जिनका विवाह हो चुका है।

विनोद सिंह तीन माह पूर्व ही अपने घर अठुरवाला आए थे। जहां पर उनके घर में उनकी पत्नी ने एक बेटी को जन्म दिया था। जो वर्तमान में तीन माह की है। विनोद सिंह के बलिदान का समाचार सुनकर क्षेत्र में शोक व्याप्त है। साथ ही दूर-दूर से लोग उनके घर पहुंच कर अपनी संवेदना जता रहे है।

बलिदानियों के प्रति कृतज्ञता जताते हुए किया नमन

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जम्मू-कश्मीर के कठुआ में आतंकवादी हमले में उत्तराखंड के पांच जवानों के बलिदान पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने बलिदानियों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना व घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि जाबांज जवानों ने उत्तराखंड की सैन्य परंपरा का पालन करते हुए देश के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। इन जवानों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहूति दी है और उनके इस बलिदान को शब्दों में व्यक्त करना असंभव है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे रणबांकुरों ने राज्य की समृद्ध सैन्य परंपरा का पालन करते हुए मां भारती के चरणों में अपना सर्वस्व न्यौछावर किया है। मां भारती की रक्षा करते हुए आतंकवाद के विरुद्ध उनका यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि दुख की इस घड़ी में सरकार बलिदानियों के स्वजन के साथ खड़ी है।

कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि जवानों का यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। इसका बदला लिया जाएगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य महेंद्र भट्ट ने कहा कि इन जवानों ने जिस तरह राज्य की गौरवमयी परंपरा को आगे बढ़ाया है, उसके लिए पूरा प्रदेश इनका आजीवन ऋणी रहेगा।

  • Related Posts

    जिला अधिकारी अंशुल सिंह ने बताया कि अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग लोक निर्माण विभाग रानीखेत द्वारा बताया गया क्वारब बाइपास मार्ग आपदा को लेकर बंद किए जाने को लेकर।

    Spread the love

    Spread the love  मीडिया प्रभारी अल्मोड़ाः दिनेश भट्ट                 (नया अधयाय, देहरादून)                जिला अधिकारी अंशुल सिंह ने…

    दोस्ताना माहौल में बच्चों से रूबरू हुई महिला पुलिस, जागरूक करते हुए सड़क सुरक्षा का दिया संदेश।

    Spread the love

    Spread the love    मीडिया प्रभारी अल्मोड़ाः दिनेश भट्ट                 (नया अधयाय, देहरादून)         दोस्ताना माहौल में बच्चों से रूबरू हुई…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    मानौरा: जहां पुरी से वचन निभाने आते हैं भगवान जगदीश

    • By User
    • July 14, 2026
    • 7 views
    मानौरा: जहां पुरी से वचन निभाने आते हैं भगवान जगदीश

    जिला अधिकारी अंशुल सिंह ने बताया कि अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग लोक निर्माण विभाग रानीखेत द्वारा बताया गया क्वारब बाइपास मार्ग आपदा को लेकर बंद किए जाने को लेकर।

    • By User
    • July 14, 2026
    • 12 views
    जिला अधिकारी अंशुल सिंह ने बताया कि अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग लोक निर्माण विभाग रानीखेत द्वारा बताया गया क्वारब बाइपास मार्ग आपदा को लेकर बंद किए जाने को लेकर।

    दोस्ताना माहौल में बच्चों से रूबरू हुई महिला पुलिस, जागरूक करते हुए सड़क सुरक्षा का दिया संदेश।

    • By User
    • July 14, 2026
    • 5 views
    दोस्ताना माहौल में बच्चों से रूबरू हुई महिला पुलिस, जागरूक करते हुए सड़क सुरक्षा का दिया संदेश।

    सिस्टम समझें,,,                           (लेख) 

    • By User
    • July 14, 2026
    • 9 views
    सिस्टम समझें,,,                            (लेख) 

    “जीवंत इंसानियत”         (कविता)

    • By User
    • July 14, 2026
    • 14 views
    “जीवंत इंसानियत”          (कविता)

    साहित्य की जीवंत परंपरा का उत्सव निखिल बंग साहित्य सम्मेलन।

    • By User
    • July 14, 2026
    • 11 views
    साहित्य की जीवंत परंपरा का उत्सव निखिल बंग साहित्य सम्मेलन।