योग महोत्सव 2026 हुआ भव्य रूप से संपन्न, मुंबई-पालघर-ठाणे-कल्याण से पहुंचे सैकड़ों योग साधक।

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संवाददाता भायंदर (पूर्व), ठाणे:  संतोष कुमार चतुर्वेदी

             (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)

 

 

 

योग महोत्सव 2026 हुआ भव्य रूप से संपन्न, मुंबई-पालघर-ठाणे-कल्याण से पहुंचे सैकड़ों योग साधक।

 

 

 

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा संचालित “100 दिवसीय योग महोत्सव” अभियान एवं मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (MDNIY), नई दिल्ली के सहयोग से श्री हरि नारायण सेवा संस्थान, मुंबई द्वारा आयोजित योग महोत्सव 2026 का भव्य आयोजन 3 जून अंबेश भवन, भायंदर (पूर्व) में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

 

इस अवसर पर मुंबई, पालघर, ठाणे, कल्याण एवं आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से आए सैकड़ों योग साधकों, महिलाओं, युवाओं, विद्यार्थियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का संचालन एवं मार्गदर्शन पालघर पीठाधीश्वर, योगीराज श्री भारत भूषण भारतेंदु जी महाराज द्वारा किया गया।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक योग साधना, प्राणायाम एवं ध्यान सत्र से हुआ। योगीराज श्री भारत भूषण भारतेंदु जी महाराज द्वारा बांसुरी की मधुर धुन प्रस्तुत की गई, जिसकी मनमोहक स्वर लहरियों पर उपस्थित साधकों ने ध्यान साधना की। वातावरण इतना आध्यात्मिक एवं शांतिमय हो गया कि उपस्थित जनसमूह मंत्रमुग्ध होकर ध्यान में लीन हो गया।

 

कार्यक्रम के दौरान स्ट्रेस मैनेजमेंट (तनाव प्रबंधन) विषय पर विशेष समूह चर्चा आयोजित की गई, जिसमें वक्ता के रूप में आचार्य शैलेश पाण्डेय जी, तेज प्रताप मेहता जी, सी.ए रमेश पांडे जी चर्चा करते हुए योगीराज से निदान के बारे में विस्तार से चर्चा की और योगीराज में सबका निराकरण भी बताया, आधुनिक जीवन की चुनौतियों, मानसिक तनाव, पारिवारिक संतुलन एवं योग के माध्यम से समाधान पर विस्तार से चर्चा हुई। साधकों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों का योगीराज ने सरल, वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक निदान सहित उत्तर देकर सभी को लाभान्वित किया।

 

योग महोत्सव के “महोत्सव” स्वरूप को सार्थक करते हुए बालक एवं बालिकाओं द्वारा विशेष योग-संगीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। योगीराज के संदेश — “हर घर में कृष्ण कन्हाई हो, हर घर में लक्ष्मीबाई हों” — को साकार करते हुए बच्चों ने अनुशासन, संस्कार, राष्ट्रप्रेम एवं भारतीय संस्कृति से ओत-प्रोत आकर्षक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

 

कार्यक्रम के सफल आयोजन में राहुल साहू की विशेष देखरेख एवं सक्रिय भूमिका सराहनीय रही। उपस्थित सभी साधकों को सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किए गए तथा योगीराज श्री भारत भूषण भारतेंदु जी महाराज द्वारा स्मृति स्वरूप सभी साधकों को बांसुरी और प्रमाण पत्र भेंट किया गया। इस अवसर पर योगीराज ने सभी इच्छुक साधकों को बांसुरी वादन का प्रशिक्षण देने का संकल्प भी व्यक्त किया, जिसका उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

 

कार्यक्रम के समापन अवसर पर माउथ ऑर्गन पर राष्ट्रगान की अनूठी प्रस्तुति दी गई, जिसने उपस्थित सभी नागरिकों को भावविभोर कर दिया। राष्ट्रगान के साथ संपूर्ण सभागार देशभक्ति एवं राष्ट्रीय चेतना के भाव से ओत-प्रोत हो उठा।

 

अपने संबोधन में योगीराज श्री भारत भूषण भारतेंदु जी महाराज ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि मन, बुद्धि, संस्कार और राष्ट्र चेतना को जागृत करने का माध्यम है। उन्होंने सभी से योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाने तथा बच्चों में भारतीय संस्कृति, संगीत, योग और नैतिक मूल्यों के संस्कार विकसित करने का आह्वान किया। “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” तथा “हर घर योग, हर हृदय योग” के संदेश के साथ हुआ।

 

मुख्य रूप से विजय शंकर पांडे,वरिष्ठ रेडियो उद्घोषक आनंद सिंह जी, ऐड श्रीकांत मिश्रा, एलिस्टर परेरा, अमेरिका से पधारे सैफ किरण कांबले, संतोष दुबे, विपिन झा, प्रमोद उपाध्याय, अविनाश तिवारी, प्रसिद्ध भजन गायक श्री शैलेश पाठक जी, रुपेश महेश रावल, फिल्म डायरेक्टर रोहित शिंदे, संपत लाल बगेचा, युवाध्यक्ष अजीत बोकाडिया, योगेश शिशोदिया, बरू लाल जैन, ललित पगारिया, हिम्मत सिसोदिया, कृष्ण, पूनम उपाध्याय, इंदुबाला पाण्डेय, अंजू पाठक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक राहुल जी साहू मनोज जी तोड़ी संतोष जी शर्मा हार्दिक जी शाह दिनेश जी, भास्कर जी, राहुल जी बाल स्वयंसेवक आकाश, विवेक सुरेश, निलेश राष्ट्रीय सेविका समिति रिंकू जितेन्द्र जी कुमावत, इंद्राणी सिंह, ममता जी, डिम्पल जी, राधा जी, संजना जी आदि उपस्थित रहे कार्यक्रम का संचालन आयुष भारत ने किया।

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