संवाददाता कन्नौज (उ. प्र.): दीप सिंह
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
पुस्तक ‘एहसास-ए-कमर’ के विमोचन पर सजा मुशायरे का मंच, शायरों ने बांधा समां।
कन्नौज: ग्राम सारौं तोप निवासी शायर कमर कन्नौजी की पुस्तक ‘एहसास-ए-कमर’ के विमोचन के अवसर पर ऑल इंडिया मुशायरे का आयोजन किया गया। मुशायरे में देश के विभिन्न हिस्सों से आए शायरों ने अपने कलाम पेश कर श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि वरिष्ठ भाजपा नेता आरएस कठेरिया ने फीता काटकर और पूर्व उप ब्लॉक प्रमुख उमर इदरीसी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद मुख्य अतिथि ने शायर कमर कन्नौजी की पुस्तक का विमोचन किया।
मुशायरे में मशहूर शायर मशकूर ममनून ने ‘बदन का खून फूंका है, तपा कर धूप में खुद को, तब एक मुफलिस ने बेटी के लिए जेवर बनाया है’ सुनाकर खूब तालियां बटोरीं। शायर मुफीद कन्नौजी ने ‘वो पराया मुझे समझता था, उसको अपना बना लिया मैंने’ पेश किया। हास्य कवि जीरो वांदवी ने ‘बेटी दुआएं करती है उम्र-ए-दराज की, बेटे ये चाहते हैं कि कब इंतकाल हो’ सुनाकर श्रोताओं को गुदगुदाया।
खबीर कन्नौजी ने ‘खुद पे गुजरे तो हकीकत है, वरना मजलूम की कहानी है’, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे शरीफ फतेहगढ़ी ने ‘हवा के इलाके में इतना उजाला, चिरागों से छीनी हुई रोशनी है’ पेश किया। सायरा, असगर बिलग्रामी, तालिब साबरी, नौशाद साबरी, मसरूर सौसरापुरी, डॉ. सैफ कादरी, अजमल मकनपुरी समेत अन्य शायरों ने भी अपने कलाम पेश किए।
कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर आफताब अहमद ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद रहे और देर रात तक मुशायरे का आनंद लिया।







