अनामिका सिन्हा पाठक ‘अर्श’
वाराणसी, (उ. प्र.)
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
भारत के GEN Z क्या गालीबाज हैं?
चंद गालीबाज GEN Z तुमलोगों ने भारत के तमाम GEN Z जो वाकई सुसंस्कृत विद्यार्थी हैं उनकी छवि खराब करने की कोशिश की है, लेकिन तुम नाकाम रहे हो। मेरे घर में भी GEN Z है बेवाक, मुखर और कॉन्फिडेंट है लेकिन गालीबाज और बदतमीज नहीं। मैंने इस संदर्भ में अपने घर के GEN Z के साथ और दूसरे GEN Z से भी बात की जो पढ़ाई में टॉपर हैं से बात की तो गालीबाजी के संदर्भ में उनके विचार थे कि ये अनपढ़ों और निम्नस्तरीय टपोरियों की भाषा क्योंकि ‘विद्या ददाति विनयम’ संस्कार के बगैर शिक्षा का कोई मूल्य नहीं है। कमजोर और कायर लोग अपनी बात मनवाने के लिए गालियों का सहारा लेते हैं, हम आत्मविश्वासी हैं, हमें विरोध करने के लिए या अपनी बात कहने के लिए गालियों की अवश्यकता नहीं है। वाकई अपने GEN Z के ऐसे विचार से मैं अभिभूत हूं और निश्चिंत भी कि सनातन संस्कार/संस्कृति को मुट्ठी भर तिलचट्टों से कोई खतरा नहीं है , सनातनी भारत का भविष्य उज्ज्वल था, है, और रहेगा। इन जिम्मेदार बच्चों ने NEET पेपर लीक के बाद भी मातम नहीं मनाया, आत्महत्या नहीं की बल्कि आपदा को अवसर में बदल कर अपनी पढ़ाई पर फोकस किया और बेहतरीन परसेंटेज से NEET की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है, मुझे गर्व है अपने इस GEN Z पर।बेशक पिछले दिनों जंतर मंतर पर अश्लीलता, फूहड़ता और नग्नता का वीभत्स नाच हुआ उससे विश्वपटल पर भारत के GEN Z की छवि धूमिल हुई है। इसलिए भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो इसके लिए इस संदर्भ में कठोर कानून बनाना अनिवार्य है। फिलहाल GEN Z की आड़ में जिन देशद्रोहियों ने भारत की मीडिया, सेना, पुलिस और संवैधानिक पद पर बैठे प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री को अश्लील, फूहड़ गालियां दी है उन सबको एवं उनके माता पिता पर भी कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही स्कूल और कॉलेजों में गौरवपूर्ण भारतीय सनातन संस्कृति/संस्कार को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए और इसकी विधिवत शिक्षा होनी चाहिए, क्योंकि कुछ माता पिता अपने बच्चों को ये संस्कार देने में असमर्थ हैं। वैसे गालीबाजो ने अपने माता / पिता, खानदान, अपनी परवरिश और अपने स्तर का परिचय स्वयं अपनी गालियों और अश्लील, फूहड़ हरकतों से दे दिया है। मुझे आश्चर्य हो रहा है कि सोशल मीडिया पर बैठे उन बुद्धिजीवी पर जो सरकार के प्रति नफरत में इतने अंधे और अदूरदर्शी हो गए हैं कि इन गालीबाजो की हिमायत कर रहे हैं, क्या वाकई आप भारत या भारत के GEN Z के शुभचिंतक हैं?







