राजेंद्र रंजन गायकवाड
(सेवा निवृत्त केंद्रीय जेल अधीक्षक)
बिलासपुर, छत्तीसगढ़
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
हम हैं तो दुनिया है.
(लेख)
लेखन कार्य में विगत तीन दशक से जुड़ा हूँ । गीत, गजल, लेख, कहानी पढ़कर अडियो सुनकर और वीडियो देखकर कभी कभी खुशी तो कभी कभी चिंतन करता हूँ कि हमरी मुठ्टी में दुनिया का ज्ञान है फिर रक्षक, भक्षक क्यों बन जा रहें हैं, पूरा संसार प्रकार्तिक आपदा से त्रस्त लेकिन समाज रस्त्र के ठेकेदार लगता है अपनी आन – बान -शान में में लगे हैं, जनता जाए ,,भाड़ में।
आज मानव समाज को सस्ती लोक- प्रियता या बचकानी बातों की जरूरत नहीं, दीर्घकालिक रूप से सुरक्षित और समृद्ध बनाए रखने के लिए राष्ट्र और वैश्विक स्तर पर कई मोर्चों पर काम करने की आवश्यकता है। जैसे कि मुख्य उपायों को निम्नलिखित पांच स्तंभों में विभाजित किया जा सकता है।
1. पर्यावरण और प्रकृति का संरक्षण जलवायु परिवर्तन पर रोक कार्बन उत्सर्जन को कम करना और वैश्विक तापमान वृद्धि को सीमित करना ताकि ऋतु परिवर्तन से जन धन की हनी ना हो ।
नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग कोयला और तेल के बजाय सौर, पवन और जल ऊर्जा को बढ़ावा देना। अपने या परिवार के हित में ना सोचकर जनप्रतिनिधि
जैव विविधता की रक्षा करें। जंगलों को काटने से रोकना और लुप्तप्राय प्रजातियों का संरक्षण करना।
संसाधनों का सही प्रबंधन पानी की बर्बादी रोकना और ‘रिसाइकल’ (पुनर्चक्रण) को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना और बाढ़, जलभराव जसई तात्कालिक आपदा (नेपाल) से बचना ।
2. वैश्विक शांति और परमाणु सुरक्षा परमाणु हथियारों पर नियंत्रण सामूहिक विनाश के हथियारों को पूरी तरह समाप्त करना या उन पर सख्त नियंत्रण रखना।
राजनयिक संवाद: देशों के बीच विवादों को युद्ध के बजाय आपसी बातचीत और अंतरराष्ट्रीय कानूनों (जैसे संयुक्त राष्ट्र) के माध्यम से सुलझाना, किसी चमचागीरी करने से बचें । कट्टरपंथ और आतंकवाद किसी देश में और किसी भी रूप में हो,, उस का अंत: समाज में नफरत फैलाने वाली विचारधाराओं को खत्म करना ।
3. महामारी और स्वास्थ्य सुरक्षा मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली, भविष्य में आने वाली महामारियों (जैसे कोविड-19 जैसी बीमारियां) से निपटने के लिए वैश्विक स्वास्थ्य ढांचे को उन्नत करना।
बायो-सुरक्षा (Biosecurity) प्रयोगशालाओं में खतरनाक वायरस और जैविक हथियारों के निर्माण व दुरुपयोग पर सख्त अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगाना।
मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य, समाज में बेहतर पोषण और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना।
4. तकनीकी और एआई (AI) का नैतिक और रचनात्मक उपयोग हो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर नियंत्रण बहुत जरूरी है, एआई को इंसानी नियंत्रण में रखना ताकि यह मानव अस्तित्व के लिए खतरा न बने।
साइबर सुरक्षा वैश्विक इंटरनेट, बैंकिंग और बिजली ग्रिड को साइबर हमलों से सुरक्षित रखना। तकनीक का सकारात्मक उपयोग: तकनीक का उपयोग गरीबी, बीमारी और भुखमरी मिटाने के लिए करना।
5. सामाजिक और आर्थिक समानता, गरीबी और भुखमरी का उन्मूलन: सभी के लिए भोजन, साफ पानी और बुनियादी आवास सुनिश्चित करना न कि पूँजीपतियों के आँगन में ठुमके लगाना ।
साथ ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा समाज के हर वर्ग तक नैतिक और आधुनिक शिक्षा पहुंचाना, जो संवेदनशीलता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा दे और आपसी भाईचारा और सहिष्णुता जाति, धर्म, और नस्ल के भेदभाव को मिटाकर ‘वसुधैव कुटुंबकम’ (पूरी धरती एक परिवार है) की भावना को अपनाना जरूरी है।







