नितिन नवीन का दौरा, मोहन यादव या हेमंत खंडेलवाल किसे कर गया मजबूत?

Spread the love

 

पवन वर्मा

मध्यप्रदेश

 

 

                (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)

 

नितिन नवीन का दौरा, मोहन यादव या हेमंत खंडेलवाल किसे कर गया मजबूत?

 

 

 

मध्यप्रदेश भाजपा में इन दिनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की जोड़ी पर सबसे ज्यादा नजर है। सत्ता और संगठन के बीच सब कुछ सहज नहीं होने की चर्चाओं के बीच दोनों नेताओं के समन्वय को लेकर पार्टी के भीतर अलग-अलग तरह की बातें चल रही हैं। ऐसे समय में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का मध्यप्रदेश दौरा खास राजनीतिक महत्व रखता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका प्रदेश का पहला दौरा था, इसलिए उनकी मौजूदगी, दोनों नेताओं के साथ उनकी तस्वीरें और कार्यक्रमों का स्वरूप, सभी को राजनीतिक संकेतों के तौर पर देखा गया।

 

                  दिलचस्प बात यह है कि नवीन का दौरा किसी एक के पक्ष में झुका हुआ दिखाई नहीं देता। इंदौर में सरकार की योजना के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का राजनीतिक वजन दिखा तो उज्जैन में संगठन के अभियान और महाकाल की भस्म आरती के दौरान प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी प्रमुख रही। यानी तत्काल राजनीतिक स्पेस मोहन यादव को मिला, जबकि संगठन के स्तर पर हेमंत खंडेलवाल को अपनी भूमिका मजबूत करने का अवसर मिला।

 

             नितिन नवीन के दौरे की शुरुआत इंदौर से हुई, जहां वे स्वामित्व योजना के तहत पट्टाधारियों को जमीन की निशुल्क रजिस्ट्री देने के कार्यक्रम में शामिल हुए। यह राज्य सरकार की योजना थी और कार्यक्रम की पूरी धुरी भी सरकार ही रही।

 

            राष्ट्रीय अध्यक्ष का राज्य सरकार की योजना के कार्यक्रम में शामिल होना मुख्यमंत्री मोहन यादव के लिए महत्वपूर्ण रहा। इससे सरकार के काम को सीधे पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के मंच से जोड़ा गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की भूमिका स्वाभाविक रूप से प्रमुख रही और नवीन की मौजूदगी ने उस तस्वीर को और राजनीतिक महत्व दिया।

 

          यही इस दौरे का पहला संकेत था कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने मध्यप्रदेश सरकार के कामकाज को सार्वजनिक मंच पर जगह दी और मुख्यमंत्री उसके केंद्र में रहे।

 

                  इसके बाद नितिन नवीन उज्जैन पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में शामिल हुए। यह भाजपा के एक महीने चलने वाले सेवा संकल्प अभियान का हिस्सा है। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान को प्रदेशभर में संगठन को जमीन पर उतारना है।

 

        यहीं तस्वीर कुछ बदली दिखाई दी। अभियान की जिम्मेदारी प्रदेश संगठन की है। बूथ और शक्ति केंद्र तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना, लाभार्थियों तक पहुंचना और पूरे प्रदेश में कार्यक्रमों को आगे बढ़ाना हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व वाले संगठन के सामने है।

 

         उज्जैन में मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष दोनों राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ मंच पर रहे। मुख्यमंत्री के लिए उज्जैन का अलग राजनीतिक महत्व है, क्योंकि यह उनका गृह क्षेत्र है। लेकिन संगठन की दृष्टि से देखें तो राष्ट्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी में प्रदेशव्यापी अभियान की शुरुआत हेमंत खंडेलवाल के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर थी।

                18 सितंबर की सुबह नितिन नवीन बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए। इस दौरान उनके साथ हेमंत खंडेलवाल मौजूद रहे। मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में उनके साथ नहीं थे। नवीन और खंडेलवाल ने साथ में पूजा-अर्चना की और भस्म आरती में शामिल हुए।

यह तथ्य इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे दौरे की तस्वीर का दूसरा पहलू सामने आता है। इंदौर में नवीन मुख्यमंत्री के साथ सरकार के कार्यक्रम में थे, जबकि महाकाल के दरबार में प्रदेश अध्यक्ष उनके साथ रहे। यानी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सत्ता और संगठन, दोनों के प्रमुख चेहरों को अलग-अलग संदर्भों में पर्याप्त जगह दी।

            अब राजनीतिक गलियारों में सवाल यह हो कि नितिन नवीन के दौरे का तत्काल राजनीतिक लाभ किसे ज्यादा मिला, तो तस्वीर मुख्यमंत्री मोहन यादव की तरफ जाती दिखाई देती है। राष्ट्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी में राज्य सरकार की योजना का कार्यक्रम और उसमें मुख्यमंत्री की प्रमुख भूमिका ने उन्हें राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने सरकार के चेहरे के रूप में स्थापित किया लेकिन इसे हेमंत खंडेलवाल के लिए कमतर करके देखना भी ठीक नहीं होगा। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष का पहला दौरा उनके लिए संगठन की ताकत दिखाने का अवसर था। खासकर ऐसा अभियान, जो अगले एक महीने तक पूरे प्रदेश में चलना है, उसकी सफलता अब संगठन की सक्रियता से जुड़ी होगी।

            यदि अभियान बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचता है, कार्यकर्ता सक्रिय होते हैं और लाभार्थियों से संपर्क का लक्ष्य हासिल होता है, तो इसका राजनीतिक श्रेय प्रदेश संगठन और उसके नेतृत्व को भी मिलेगा। इस अर्थ में नवीन का दौरा हेमंत को तत्काल राजनीतिक बढ़त देने के बजाय उन्हें अपनी संगठनात्मक क्षमता दिखाने का बड़ा मंच देकर गया है।

               नितिन नवीन के दौरे की सबसे अहम बात यही रही कि उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष में से किसी एक को चुनने जैसी सार्वजनिक तस्वीर नहीं बनाई। इंदौर में सरकार के साथ रहे, उज्जैन में संगठन के अभियान का हिस्सा बने और महाकाल में प्रदेश अध्यक्ष के साथ नजर आए। अब अगर इसे सत्ता और संगठन के बीच चल रही चर्चाओं के संदर्भ में देखें तो राष्ट्रीय नेतृत्व का सार्वजनिक संदेश फिलहाल संतुलन वाला दिखाई देता है। मुख्यमंत्री को सरकार चलाने की राजनीतिक जगह मिली है और प्रदेश अध्यक्ष को संगठन संभालने की भूमिका।

             इस दौरे से यह जरूर स्पष्ट हुआ कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने दोनों को अलग-अलग खेमों में खड़ा करने के बजाय एक ही राजनीतिक फ्रेम में रखा है। अब असली परीक्षा इस बात की होगी कि सरकार और संगठन के स्तर पर यह साथ आने वाले दिनों में कितना दिखाई देता है। 

(विनायक फीचर्स)

  • Related Posts

    इत्र की खुशबू विदेशों तक, कजीहार की गलियों में विकास की तलाश।

    Spread the love

    Spread the love  संवाददाता कन्नौज (उ. प्र.): दीप सिंह                     (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)       इत्र की खुशबू विदेशों तक, कजीहार…

    जिंदगी का क्रिकेट मैच ( कविता)

    Spread the love

    Spread the love  राजेंद्र रंजन गायकवाड (सेवा निवृत्त केंद्रीय जेल अधीक्षक)  मैनपाट, छत्तीसगढ़                       (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)        …

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    इत्र की खुशबू विदेशों तक, कजीहार की गलियों में विकास की तलाश।

    • By User
    • September 21, 2026
    • 10 views
    इत्र की खुशबू विदेशों तक, कजीहार की गलियों में विकास की तलाश।

    जिंदगी का क्रिकेट मैच ( कविता)

    • By User
    • September 21, 2026
    • 12 views
    जिंदगी का क्रिकेट मैच  ( कविता)

    भाजपा व सेवा संकल्प अभियान” समाचारों का बहिष्कार! कलेक्टर नहीं हटे तो पत्रकारों का चरणबद्ध आंदोलन जारी, CM को ज्ञापन के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से नाराजग।

    • By User
    • September 21, 2026
    • 9 views
    भाजपा व सेवा संकल्प अभियान” समाचारों का बहिष्कार! कलेक्टर नहीं हटे तो पत्रकारों का चरणबद्ध आंदोलन जारी, CM को ज्ञापन के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से नाराजग।

    गढ़वाली कुमाऊंनी जौनसारी को आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाए : दिनेश ध्यानी

    • By User
    • September 21, 2026
    • 6 views
    गढ़वाली कुमाऊंनी जौनसारी को आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाए : दिनेश ध्यानी

    प्रेम जीवन का आधार

    • By User
    • September 20, 2026
    • 7 views
    प्रेम जीवन का आधार

    नंदादेवी मेले में भव्य झोड़ा प्रतियोगिता, नंदादेवी मेले में गूंजे कुमाऊं के पारंपरिक झोड़े, दर्जनों महिलाओं ने दी शानदार प्रस्तुतियां, खचाखच भरी रही दर्शक दीर्घा, लोक संस्कृति की रंगत में रंगा नंदादेवी परिसर।

    • By User
    • September 20, 2026
    • 10 views
    नंदादेवी मेले में भव्य झोड़ा प्रतियोगिता, नंदादेवी मेले में गूंजे कुमाऊं के पारंपरिक झोड़े, दर्जनों महिलाओं ने दी शानदार प्रस्तुतियां, खचाखच भरी रही दर्शक दीर्घा, लोक संस्कृति की रंगत में रंगा नंदादेवी परिसर।