पीयूष गोयल
(दर्पण छवि लेखक, मोटिवेशन स्पीकर)
दादरी गौतमबुद्ध नगर
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
पीयूष गोयल 10 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को मोटीवेट कर चुके हैं।
19 पुस्तकें हाथ से अलग अलग तरीके से दर्पण छवि में विश्व में भारत का नाम करने वाले “मिरर इमेज मैन ऑफ़ इंडिया” के नाम से प्रसिद्ध पीयूष गोयल 20 वी व 21 वीं पुस्तक हाथ से लिख रहें हैं।
पीयूष गोयल की १३ पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, 14 वीं पुस्तक पर काम चल रहा हैं।
पीयूष गोयल इसके अलावा २२ sqr फीट की लूडो व 600 कैरिकेचर्स 3*2 फीट के फ्रेम पर बना चुके हैं, कुछ न कुछ अनोखा करने वाले पीयूष गोयल 10 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को मोटीवेट कर चुके हैं।
वैसे तो पीयूष 2003 से मोटिवेशन में हैं पर 2012 से पूर्ण रूप से इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य कर रहें हैं।
उन्होंने बताया की सन् 2012 में गांधी पॉलिटेक्निक, मुजफ्फरनगर ने Alumini आयोजन में बुलाया (यही से मैंने डिप्लोमा यांत्रिकी में किया था), यहाँ मुझे मंच पर बोलने का मौका मिला, पहले बार डर भी लग रहा था पर 30-35 मिनट बोला और मेरे भय निकल गया।
मुझे उसी दिन महसूस हो गया कि क्यों न विधार्थियों को मोटीवेट किया जाये।
उस दिन से लेकर आज तक विद्यार्थियों को निशुल्क मोटीवेट कर रहा हूँ।
पीयूष ने पूछने पर बताया की आप निशुल्क मोटिवेशन क्यों करते हैं, बहुत से मोटिवेशन स्पीकर पैसे लेकर मोटीवेट का काम कर रहें हैं,पहली बात मैं विद्यार्थियों को मोटिवेशन का काम करता हूँ, किसी प्रोफेशनल या बिजनेसमैन को मोटीवेट नहीं कर रहा हूँ, विद्यार्थियों मेरे मोटिवेशन से सफल हो जाये यही मेरी कमाई हैं।
दूसरा मैं पुण्य और दुआ कमाने आया हूँ, जो दुनिया के किसी बाज़ार में नहीं मिलती, या कमानी पड़ती हैं।
उन्होंने बताया की मेरा पहला वाक्य ये होता हैं” पूरी दुनिया नतीजे को सलाम करती हैं, प्रयास करने वाले की कभी हार नहीं होती हैं, मैं जब तक प्रयास करता रहूँगा तब तक मैं सफल ना हो जाऊँ, क्यूँकि हारना मेरी डिक्शनरी में नहीं हैं और काश मैं लिखता नहीं हूँ।
और दूसरी लाइन ये होती हैं “सपने आपके अपने हैं और आप अपनों के अपने हैं आपके सपने आपके तो हैं ही, आपके मम्मी पापा के भी हैं, उन सपनों को दिल से लगा लो और दिमाग से पूरा कर दो, और इसी जन्म में पूरा कर दो क्यूँकि ये जिंदगी मिलेंगी ना दुबारा”, और जो करते हैं मम्मी पापा से प्यार मेहनत से नहीं करते इनकार।
पीयूष ने बताया की ये कुछ ऐसा शानदार विचार हैं जो आपकी सोच को नकारात्मकता से सकारात्मकता की और लें जाएँगी।
पीयूष ने ये भी बताया की हम आने वाली पीढ़ियों को या समाज को क्या देने जा रहें हैं, याद रखना आने वाली पीढ़ियाँ हम से सवाल करेंगी कि हमारे पूर्वजों ने हमारे लिया किया क्या हैं?
मैं तो अपने अच्छे विचारों से विद्यार्थियों की तरक्की देखना चाहता हूँ।







