संवाददाता आगर मालवा : गोवर्धन कुम्भकार
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
आगर जिले में छोटी-छोटी पुलिया बनी हुई है , जहां पर हादसे का खतरा बना रहता है सुरक्षा के इंतजाम नहीं है ….
शाजापुर मार्ग पर गाजरिया घोसंली से लेकर कानड़ नगर के राजवाड़ा तक बारिश में पुलियाओं पर पानी भर जाता है।
कानड़ः मां शक्तिपीठ बगलामुखी नलखेड़ा में बीती रात बारिश के दौरान पुलिया पर पानी के तेज बहाव में कार बहने से ओडिशा के आठ लोगों की मौत की घटना के बाद शाजापुर, आगर जिले सहित ऐसी कहीं सारी रपटे वाली पुलिया है जैसे शाजापुर नलखेड़ा मार्ग की पुल पुलियाओ की सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे
करीबन 60 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर कहीं स्थानों पर छोटी पुल पुलियाओं और रपटै हैं जहां तेज वर्षा के दौरान पानी ऊपर से पानी बहने लगता है जहां आवागमन अवरुद्ध हो जाता है सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता बनी रहती है
इसी उपरांत शाजापुर कानड़ नलखेड़ा मार्ग के मध्य गाजरिया घोसंली की नदी की पुलिया पर बहुत बार ऊपर से पानी बहता है और शाजापुर से नलखेड़ा कानड़ होकर जाना पड़ता है इस मार्ग पर गांव गाजरिया घोसंली के यहां बनी पुल बारिश के दौरान गांव और बाहर से आने वाले लोगों को परेशानी का कारण बनती है ग्रामीणों के अनुसार तेज बारिश में नदी का पानी पुलिया के ऊपर आ जाता है
इससे यहा का आवागमन जोखिम भरा हो जाता है
गांव गाजरिया एवं घोसंली के निवासी ईश्वर सिंह राजपूत,सूरज सिंह,पवन, होखम कराड़ा, धीरज प्रजापत रामप्रसाद ने बताया कि मार्ग पर कहीं स्थानों पर पुलियाओं का निर्माण किया गया है लेकिन गांव के पास नदी पर पुलिया निर्माण पूरी तरह से व्यवस्थित तरीके से नही किया गया आज कि वर्तमान स्थिति में भी रफ्टा बना है ग्रामीणों के अनुसार कई बार लोग ओर वाहन चालक पुलिया से नीचे की ओर लटकने जैसी स्थिति में पहुंच चुके है ग्रामीणों द्वारा पुलिया को व्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाने की मांग की गई है
कानड़ के नगर परिषद उपाध्यक्ष के मकान के पास गोगली नाले पर बनी पुल और राजवाड़ा कि पुलिया पर भी घंटों तक आवागमन बाधित रहता है।
किसी मार्ग का कानड़ के राजवाड़ा क्षेत्र एवं नगर आबादी पर बनी पुलिया पर भी बारिश के दौरान पानी भर जाता है तेज बारिश के समय पूल पुलिया पर पानी जमा रहने से कई घंटो तक आवागमन अवरुद्ध स्थिति बनी रहती है ऐसे में यहां भी सुरक्षा के स्थानीय इंतजाम किए जाने की जरूरत है ताकि बारिश के दौरान वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी ना हो।
नगर परिषद द्वारा बारिश के दौरान सुरक्षा को लेकर कहीं बाहर डेडिकेट लगाए जाते हैं साथ ही बारिश के दौरान कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई जाती है ताकि बारिश के दौरान लोगों को पुलिया से निकलने से रोका जा सके और किसी भी तरह की दुर्घटना ना हो
शाजापुर से नलखेड़ा तक के मार्ग पर कहीं छुट्टी पुल पुलियाओ पर सुरक्षा, रेलिंग, चेतावनी का और बैरिकेड जैसे पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से हादसे का डर बना रहता है
रात के समय वर्षा का पानी सड़क या पुलिया के ऊपर आने से वाहन चालकों को गहराई ओर बहाव का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।
नलखेड़ा में हुए दर्दनाक हादसे के बाद अब शाजापुर नलखेड़ा मार्ग की सभी पुल पुलिया ओर रफ्टो का निरीक्षण किए जाने की जरूरत है सबसे विशेष गाजरिया घोसंली नदी की पुलिया ओर कानड़ के नेताजी स्कूल के पास गोगंली नाले पर बनी पुलिया ओर राजवाड़ा की पुलिया जैसे संवेदनशील स्थानो को चिन्हित कर वहां स्थायी सुरक्षा के इंतजाम किया जाना चाहिए ग्रामीणों का कहना है कि हादसा पुणे का इंतजार करने के बजाय बारिश के दौरान संवेदनाशील पुल पुलियाओ पर पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए।






