सम्पादक रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
भगवती नन्दा के आगमन से तुंगनाथ
घाटी के गांवों में उत्साह।
जीतू बगडवाल नृत्य रहेगा मुख्य आकर्षण।
मक्कूमठ से शुरू होगा विभिन्न गांवों का भ्रमण।
पर्यटक गांव सारी में होंगे धार्मिक,
आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम।
ऊखीमठः तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ में जगत कल्याण के लिए तपस्यारत भगवती नन्दा आगामी दिनों में तुंगनाथ घाटी के विभिन्न गांवों का भ्रमण करेंगी। भगवती नन्दा के आगमन को लेकर काण्डा, हूण्डू, उषाड़ा, दैड़ा तथा पर्यटक गांव सारी में उत्साह का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों द्वारा भगवती नन्दा के स्वागत की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। सभी गांवों में पारम्परिक जीतू बगडवाल नृत्य यात्रा का मुख्य आकर्षण रहेगा।
भगवती नन्दा के गांव-गांव आगमन को लेकर क्षेत्रवासियों में विशेष उत्साह बना हुआ है। ग्रामीण इस धार्मिक परम्परा को अपनी समृद्ध लोकसंस्कृति, आस्था और पौराणिक विरासत से जोड़कर देखते हैं। भगवती नन्दा के आगमन पर ग्रामीण पारम्परिक रीति-रिवाजों के साथ देवी का स्वागत करेंगे तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना करेंगे।
इस धार्मिक आयोजन के तहत पर्यटक गांव सारी में अनेक धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यहां आयोजित होने वाले पारम्परिक कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय लोकसंस्कृति, धार्मिक मान्यताओं और पौराणिक परम्पराओं को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। जीतू बगडवाल नृत्य के आयोजन से कार्यक्रमों में विशेष आकर्षण रहने की उम्मीद है।
प्रधान उषाडा प्रतिपाल बजवाल ने बताया कि भगवती नन्दा की यात्रा तुंगनाथ घाटी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को नई ऊर्जा प्रदान करने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी परम्पराओं से जोड़ने का माध्यम भी बनेगी। देवी के आगमन को लेकर गांवों में तैयारियां तेज हो गई हैं और श्रद्धालु इस पावन अवसर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
पूर्व सूचना अधिकारी गजपाल भट्ट ने बताया कि भगवती नन्दा आगामी 23 अक्टूबर को पर्यटक गांव सारी पहुंचेगी तथा भगवती नन्दा के पर्यटक गांव सारी पहुंचने पर अनेक धार्मिक, आध्यात्मिक व पौराणिक परम्पराओं का निर्वहन किया जायेगा। बताया कि 23 व 24 अक्टूबर को भजन संध्या के साथ अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रमो का आयोजन किया जाएगा तथा 24 अक्टूबर दोपहर को बगडवाल नृत्य मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहेगा। उन्होंने बताया कि 25 अक्टूबर को भगवती नन्दा भावुक क्षणों के साथ विदा होगी तथा अपने पूजा स्थल मक्कूमठ पहुंचने पर जगत कल्याण के लिए ध्यान मग्न होगी ।








