शासन ने बदले अधिकारियों के पदभार; सचिव मीनाक्षी सुंदरम का बढ़ा कद

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शासन ने बदले अधिकारियों के पदभार; सचिव मीनाक्षी सुंदरम का बढ़ा कद।

ब्यूरो देहरादून:  सरकार ने शासन में बड़ा फेरबदल करते हुए 15 आइएएस समेत 17 अधिकारियों के पदभार में बदलाव किया है। सचिव मुख्यमंत्री आर मीनाक्षी सुंदरम पर विश्वास जताते हुए सरकार ने उन्हें चार नए पदभार सौंपे हैं।

             वहीं, सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगोली को भी फिर से गृह एवं कारागार के साथ पेयजल की जिम्मेदारी दी गई है। उनके शेष पदभार यथावत रहेंगे। डा रंजीत सिन्हा से आपदा प्रबंधन विभाग वापस लिया गया है। इसे यूएसडीएमए में दो अधिकारियों के इस्तीफे से जोड़कर देखा जा रहा है।
                  शासन में लंबे समय से फेरबदल की चर्चाएं चल रही थीं। हाल ही में आइएएस अरविंद सिंह ह्यांकी की सेवानिवृत्ति और आइएएस नितेश झा के वापस प्रदेश में ज्वाइनिंग देने के बाद शासन में अधिकारियों के पदभार में बदलाव तय माना जा रहा था। इस कड़ी में शासन ने मंगलवार देर रात 15 आइएएस, एक आइटीएस और एक आइएफएस अधिकारी का पदभार बदला है।अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन से आवास व मुख्य प्रशासक उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास का जिम्मा वापस लिया गया है तो वहीं प्रमुख सचिव आरके सुधांशु से शहरी विकास विभाग वापस लिया गया है। सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम को मौजूदा पदभार के साथ ही सचिव आवास, आयुक्त आवास, मुख्य प्रशासक, उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कारिडोर योजना की जिम्मेदारी दी गई है।
                      सचिव हरिचंद्र सेमवाल से पंचायती राज वापस लेकर महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास व आयुक्त खाद्य की जिम्मेदारी दी गई है। सचिव चंद्रेश कुमार को पंचायती राज विभाग का जिम्मा दिया गया है। सचिव बृजेश कुमार संत को सचिव परिवहन एवं आयुक्त परिवहन की जिम्मेदारी दी गई है। डा नीरज खैरवाल को सचिव समाज कल्याण, आयुक्त समाज कल्याण व अध्यक्ष बहुद्देशीय वित्त विकास निगम की जिम्मेदारी दी गई है।

सचिव डा सुरेंद्र नारायण से सात पदभार वापस लेकर उन्हें कृषि एवं कृषक कल्याण का दायित्व सौंपा गया है। सचिव विनोद कुमार सुमन को वित्त, निदेशक आडिट, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, सचिव राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, परियोजना निदेशक बाह्य सहायतित परियोजनाएं की जिम्मेदारी दी गई है। आइटीएस अधिकारी दीपक कुमार को जनगणना व संस्कृत शिक्षा का जिम्मा दिया गया है। वहीं, आइएफएस पराग मधुकर धकाते को विशेष सचिव जलागम की जिम्मेदारी दी गई है।

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