संवाददाता कन्नौज (उ. प्र.) : दीप सिंह
(नया अध्याय)
गांव की गलियों में गूंजा शिक्षा का संदेश: ‘स्कूल चलो अभियान’ बनी उम्मीद की नई किरण।
छिबरामऊ (कन्नौज): ग्राम मिघौली की सुबह उस दिन कुछ अलग थी। गांव की गलियों में बच्चों की आवाजें गूंज रही थीं—“सब पढ़ें, सब बढ़ें” और “शिक्षा है जीवन का आधार”। यह कोई सामान्य रैली नहीं थी, बल्कि एक ऐसा प्रयास था जो गांव के हर बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में उठाया गया था।

“स्कूल चलो अभियान” के तहत निकाली गई इस जागरूकता रैली में सिर्फ शिक्षक ही नहीं, बल्कि पूरा गांव सहभागी बना। पी.एम.श्री प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक दलबीर सिंह के नेतृत्व में शिक्षकों और छात्रों ने घर-घर तक शिक्षा का संदेश पहुंचाया। उनके साथ विक्रम सिंह तोमर, विशाल पाठक, संजय कुमार, सुधीर कुमार और संगीता यादव जैसे शिक्षक पूरे उत्साह के साथ शामिल रहे। वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भी इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देने में अहम भूमिका निभाई।
रैली की खास बात यह रही कि इसमें शामिल बच्चों का उत्साह देखने लायक था। हाथों में तख्तियां, चेहरों पर मुस्कान और आवाज में जोश—इन सबने गांव के माहौल को शिक्षा के रंग में रंग दिया। कई अभिभावक अपने घरों के बाहर खड़े होकर बच्चों को सुनते रहे, कुछ ने वहीं अपने बच्चों को स्कूल भेजने का संकल्प भी लिया।
ग्राम प्रधान मनोज यादव ने भी इस पहल का समर्थन करते हुए अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों का नामांकन जरूर कराएं और उन्हें नियमित विद्यालय भेजें। उनका कहना था कि शिक्षा ही वह साधन है, जो गांव के भविष्य को नई दिशा दे सकती है।
यह रैली केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि एक सोच का प्रतीक थी—एक ऐसी सोच, जिसमें हर बच्चा पढ़े, आगे बढ़े और अपने सपनों को साकार कर सके। “स्कूल चलो अभियान” के जरिए मिघौली गांव ने यह संदेश दिया कि जब समाज और स्कूल साथ आते हैं, तो बदलाव निश्चित होता है।







