निंदनीय है कीचड़ उछालने का चलन

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डॉ. सुधाकर आशावादी

 

 

           (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)

 

 

दृष्टिकोण 

 

        निंदनीय है कीचड़ उछालने का चलन

 

 

 

 

एक कहावत है, कि बोया बीज बबूल का तो आम कहाँ से होय। संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थों के चलते राजनीति को अपनी बपौती मानने वाले तत्वों ने कभी राजनीतिक गरिमा का अनुपालन नहीं किया, जिसके चलते समाज को विघटित करने के अनेक षड्यंत्र रचे गए। फर्जी अफ़वाहें फैलाकर राजनीति के वर्चस्व की लड़ाई लड़ी गई। फर्जी आरोप प्रत्यारोप की राजनीति करने वाले तत्वों के परिवारों पर जब फर्जी मनगढ़ंत क़िस्सों की बौछार हुई, तो ऐसे तत्वों के लिए स्थिति असहनीय हो गई।

राजनीति और जंग में सब कुछ जायज़ बताने वालों को गरिमा और मर्यादा जैसे मूल्यों का निरादर याद आया। कौन नही जानता, कि राजनीति में एक दूसरे पर कीचड़ उछालने का चलन नया नहीं है। मनगढ़ंत आरोप लगाकर नेताओं को बदनाम करके राजनीतिक तत्व समय समय पर अपनी संकीर्ण मानसिकता का परिचय देते रहे हैं तथा मानहानि के मुकदमों का सामना करके माफी माँगकर अपना बचाव भी करते रहे हैं।

इतिहास साक्षी है कि राजनीति में ऐसे अनेक क़िस्से प्रकाश में आ चुके हैं। कभी किसी राजनेता को किसी प्रतिष्ठित जनप्रतिनिधि के अंतः वस्त्रों का रंग बताने में लज्जा महसूस नहीं होती, कभी किसी चुनी हुई जनप्रतिनिधि की मंडी का रेट पूछने पर भी संबंधित प्रश्न कर्ता के विरुद्ध कोई दंडनीय कदम नहीं उठाया गया। अब तो बात और अधिक आगे बढ़ चुकी है।

औरों के लिए अपमान जनक शब्दों का प्रयोग करने वालों का समर्थन करने वालों के परिजनों के विरुद्ध भी अफ़वाह फैलाकर अराजक तत्व शर्मनाक टिप्पणियाँ करने से नहीं चूक रहे हैं, जिसे किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। मेरा मानना है कि अपमान जनक टिप्पणियों का सार्वजनिक स्तर पर विरोध करने के साथ साथ अप्रामाणिक टिप्पणी करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जानी चाहिए। राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में किसी के भी परिजनों के विरुद्ध अभद्र एवं अपमान जनक टिप्पणियाँ किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जा सकती।

आवश्यकता यही है कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर मनगढ़ंत आरोप लगाने वाले या किसी भी सभ्य व्यक्ति या परिवार के विरुद्ध अफ़वाह फैलाने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर दंडनीय कार्यवाही की जाए, ताकि कोई भी व्यक्ति किसी के विरुद्ध अपमान जनक टिप्पणी करने या अफ़वाह फैलाने का दुस्साहस न कर सके।  (विनायक फीचर्स)

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