सम्पादक रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी
(नया अध्याय, देहरादून)
श्री ओंकारेश्वर भण्डारा समिति के तत्वावधान में सात दिवसीय विशाल भण्डारे का शुभारंभ।


हजारों शिवभक्तों ने ग्रहण किया प्रसाद।
समाजसेवियों और सामाजिक संगठनों का मिल रहा भरपूर सहयोग।
ऊखीमठ: श्री ओंकारेश्वर भण्डारा समिति के तत्वावधान में भगवान शिव के श्रद्धालुओं के लिए आयोजित सात दिवसीय विशाल भण्डारे का विधिवत शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। भण्डारे का शुभारंभ क्षेत्र पंचायत सदस्य मनीष बगवाड़ी ने भगवान ओंकारेश्वर के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर एवं पूजा-अर्चना के साथ किया। इस अवसर पर उन्होंने समिति के सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि धार्मिक आयोजनों से समाज में सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता की भावना सुदृढ़ होती है।
भण्डारे के शुभारंभ के साथ ही बड़ी संख्या में शिवभक्तों, स्थानीय श्रद्धालुओं तथा दूर-दराज से पहुंचे यात्रियों ने प्रसाद ग्रहण किया। पहले ही दिन हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति से पूरा परिसर शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोषों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
श्री ओंकारेश्वर भण्डारा समिति अध्यक्ष सौरभ भट्ट ने बताया कि सात दिनों तक प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन एवं प्रसाद की व्यवस्था की गई है। भण्डारे में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु का सम्मानपूर्वक स्वागत किया जा रहा है तथा स्वच्छता और सुव्यवस्थित भोजन व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उपाध्यक्ष अनुभव रावत ने बताया कि भण्डारे के सफल संचालन में क्षेत्र के अनेक समाजसेवी, व्यापारी, युवा स्वयंसेवक तथा विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठन सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। भोजन निर्माण, प्रसाद वितरण, पेयजल व्यवस्था, साफ-सफाई एवं श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन सहित विभिन्न व्यवस्थाओं में स्वयंसेवक पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। महामंत्री आशीष तिवारी ने प्रधान फापज आशा नेगी, पूर्व प्रधान प्रकाश रावत, पूर्व सभासद बलवन्त रावत, वन पंचायत सरपंच पवन राणा सहित सभी सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसहयोग के कारण ही इस प्रकार के धार्मिक एवं सेवा कार्य सफल हो पाते हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य मनीष बगवाड़ी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में भण्डारा केवल भोजन वितरण का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा, समानता और परोपकार की महान परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से भी ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
भण्डारे में प्रसाद ग्रहण करने वाले श्रद्धालुओं ने समिति की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि भण्डारे में अनुशासित एवं व्यवस्थित ढंग से प्रसाद वितरण किया जा रहा है। दूर-दराज से आने वाले शिवभक्तों के लिए यह आयोजन अत्यंत उपयोगी एवं पुण्यदायी सिद्ध हो रहा है। समिति के समस्त पदाधिकारियो ने सभी श्रद्धालुओं से सात दिवसीय विशाल भण्डारे में अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर भगवान ओंकारेश्वर का आशीर्वाद प्राप्त करने तथा प्रसाद ग्रहण करने की अपील की है। धार्मिक आस्था, सेवा और सामाजिक समरसता का यह आयोजन क्षेत्र में श्रद्धा और जनसहभागिता का प्रेरणादायी उदाहरण बन गया है।









