उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों तथा धार्मिक भावनाओं से छेड़खानी बर्दाश्त नहीं राज्य सरकार से कानून बनानेकी मांग उत्तराखण्ड धार्मिक स्थल मर्यादा संरक्षण अधिनियम, 2026 के प्रस्तावित ड्राफ्ट पेश।

Spread the love

 

मीडिया प्रभारी अल्मोडा़ः दिनेश भट्ट

 

            (नया अध्याय, देहरादून)

 

        उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों तथा धार्मिक भावनाओं से छेड़खानी बर्दाश्त नहीं राज्य सरकार से कानून बनानेकी मांग उत्तराखण्ड धार्मिक स्थल मर्यादा संरक्षण अधिनियम, 2026 के प्रस्तावित ड्राफ्ट पेश।

 

 

 अल्मोड़ाः  उत्तराखण्ड की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक स्थलों की पवित्रता तथा उनकी मर्यादा एवं गरिमा के संरक्षण के उद्देश्य से “उत्तराखण्ड धार्मिक स्थल मर्यादा संरक्षण अधिनियम, 2026” का एक प्रस्तावित ड्राफ्ट तैयार किया गया है। इसी प्रस्तावित ड्राफ्ट के संबंध में अधिवक्ता विनोद चन्द्र तिवारी द्वारा सोमवार को प्रेस वार्ता आयोजित की गई।

प्रस्तावित अधिनियम का मूल उद्देश्य उत्तराखण्ड के मंदिरों, तीर्थस्थलों, मठों, आश्रमों, पवित्र नदियों, धार्मिक प्रतीकों, धार्मिक ग्रंथों तथा धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों की मर्यादा और गरिमा के संरक्षण के लिए एक संतुलित एवं संवैधानिक विधिक व्यवस्था की संभावनाओं पर विचार करना है।

प्रस्तावित ड्राफ्ट में धार्मिक स्थलों पर अशोभनीय एवं अमर्यादित गतिविधियों, धार्मिक प्रतीकों एवं धार्मिक ग्रंथों के अनुचित अथवा अपमानजनक उपयोग, अनुचित प्रदर्शन एवं विज्ञापन, धार्मिक परिसरों में आचार-संहिता, डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से संबंधित गतिविधियों तथा धार्मिक स्थलों की व्यवस्था एवं मर्यादा बनाए रखने के लिए आवश्यक संस्थागत व्यवस्था जैसे विषयों को शामिल किया गया है।

इस प्रस्तावित ड्राफ्ट को तैयार करने में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों का विधिक, बौद्धिक एवं शैक्षिक सहयोग प्राप्त हुआ है। अधिवक्ता हिमांशु जोशी, अधिवक्ता प्रभाकर जोशी, वरिष्ठ अधिवक्ता, अधिवक्ता भूपेश सिंह बिष्ट, नीमा (Lawyer), गोविंद प्रसाद (Lawyer) तथा शिक्षाविद अजय जोशी ने अपने अनुभव एवं सुझावों के माध्यम से इस पहल में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

यह स्पष्ट किया गया है कि यह दस्तावेज वर्तमान में लागू कानून नहीं, बल्कि एक प्रस्तावित ड्राफ्ट है, जिसे विधिक परीक्षण, विशेषज्ञ विमर्श, सार्वजनिक सुझाव एवं आवश्यक विधायी प्रक्रिया के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रेस वार्ता में प्रस्तावित अधिनियम की आवश्यकता, इसके प्रमुख प्रावधानों, संवैधानिक पहलुओं तथा उत्तराखण्ड की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।

 

प्रेस वार्ता के अवसर पर सुशील शाह, दिनेश जोशी, विनय किरौला, नीमा आर्य समेत कई लोग मौजूद रहे।

  • Related Posts

    सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय में प्रधानमंत्री कार्यालय के पूर्व सलाहकार और उत्तराखंड सरकार के पर्यटन विभाग में विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) भाष्कर खुल्बे ने निरीक्षण।

    Spread the love

    Spread the love  मीडिया प्रभारी अल्मोडा़ः दिनेश भट्ट               (नया अध्याय, देहरादून)     सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय में प्रधानमंत्री कार्यालय के पूर्व सलाहकार और…

    बीसीआई मान्यता विवाद: भवन बनता रहा, लेकिन विधि शिक्षा की बुनियाद क्यों डगमगाई?

    Spread the love

    Spread the love  मीडिया प्रभारी अल्मोडा़ः दिनेश भट्ट               (नया अध्याय, देहरादून)       बीसीआई मान्यता विवाद: भवन बनता रहा, लेकिन विधि शिक्षा की…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    सशक्त हस्ताक्षर की 51 वीं काव्य गोष्ठी में गूॅंजे कविता के स्वर 

    • By User
    • August 10, 2026
    • 13 views
    सशक्त हस्ताक्षर की 51 वीं काव्य गोष्ठी में गूॅंजे कविता के स्वर 

    देश-विदेश के 69 लघुकथाकारों में डॉ. सत्यवान सौरभ और डॉ. प्रियंका सौरभ की लघुकथाएँ शामिल।

    • By User
    • August 10, 2026
    • 7 views
    देश-विदेश के 69 लघुकथाकारों में डॉ. सत्यवान सौरभ और डॉ. प्रियंका सौरभ की लघुकथाएँ शामिल।

     ”सावन है शिव कृपा का मास”

    • By User
    • August 10, 2026
    • 9 views
     ”सावन है शिव कृपा का मास”

    फिरोजपुर सिटी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो स्नैचर गिरफ्तार

    • By User
    • August 10, 2026
    • 14 views
    फिरोजपुर सिटी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो स्नैचर गिरफ्तार

    यक्ष प्रश्न ! (कविता)

    • By User
    • August 10, 2026
    • 9 views
    यक्ष प्रश्न ! (कविता)

    गजल

    • By User
    • August 10, 2026
    • 3 views
    गजल