राजनीति में ब्राह्मण वोटरों की ठेकेदारी पर लगेगा पूर्ण विराम।

Spread the love

 

प्रभारी सम्पादक जौनपुर:  पंकज सीबी मिश्रा

              (राजनीतिक विश्लेषक) 

                  (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)

 

 

 

राजनीति में ब्राह्मण वोटरों की ठेकेदारी पर लगेगा पूर्ण विराम।

 

 

             वाराणसीः यह सत्य है कि राजनीति में ब्राह्मण केवल सब्जी में आलू की तरह प्रयोग होता रहा है जबकि उसके उत्थान की बात राजनीतिक मंचों से नदारद है। कहा जाता है जबसे कांग्रेस ब्राह्मणों से दूर हुई कांग्रेस की जड़े हिल गई, ना सिर्फ सत्ता गई बल्कि रसूख इज्जत और पार्टी तक आज हासिए पर आ खड़ी हुई है। कांग्रेस और राहुल गाँधी अब बस लोगों का मनोरंजन करते है। उधर यूपी विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही मेरे ब्राह्मण – तेरे ब्राह्मण होने लगा है। कोई ब्राह्मण सम्मेलन कर रहा तो कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस से कहता फिर रहा कि ब्राह्मण उसके है। आखिर किसके है ये ब्राह्मण! आपको याद होगा मायावती जब सत्ता में नहीं थी तब सतीश चंद्र मिश्रा के साथ ब्राह्मणो ने ही समीकरण साधा और उन्हें सत्ता दिलवाया पर तब ब्राह्मण हित में कोई क़ाम नहीं हुआ जिसके बाद ब्राह्मणो ने बसपा त्याग दिया। अब सपा को सहारा दिया क्यूंकि तब मनोज पांडे, सचिन्द्र नाथ त्रिपाठी जैसे कद्दावर नेता मुखर थे पर सपा तो बसपा से चार कदम आगे निकली और सपाइयों ने ना सिर्फ ब्राह्मणों का अपमान किया उन्हें पाखंडी तक कह डाला उसके बाद ब्राह्मणो ने ऐसी कुदृष्टि डाली की बसपा जड़ से खत्म होने के कगार पर पहुँच गईं और सपा की सांस अब अटकी हुई है। विधानसभा में सपा शून्य की ओर तेजी से बढ़ने लगी है।

 

दूसरे दलों के आयातित नेता खुद को ब्राह्मण मसीहा बताकर सत्ता की मलाई काटते रहे है, जिनमें ब्रजेश पाठक बसपा से आए, मनोज पांडेय सपा से आए, जितिन प्रसाद और दयाशंकर मिश्र दयालु कांग्रेस से आए। ये सब ब्राह्मण वर्ग के ठेकेदार बने मंत्रालय पकड़े मौज उड़ा रहे और प्रदेश का गरीब ब्राह्मण सब्जी का ठेला लगा रहा, ऑटो चला रहा, चौकीदारी से लेकर शौचालय साफ़ करने का कार्य कर रहा। ब्राह्मण अधिकारों की आवाज़ ना कभी संसद में उठी ना कभी ब्राह्मण उत्थान के लिए चर्चा हुई। ऐसी राजनीति में ब्राह्मण वोटरों का अनमनापन भाजपा की भी चिंता बढ़ाये हुए है। लोकसभा चुनाव में ब्राह्मणों ने सबक और चेतावनी दिया था 242 सीट पर रखकर जबकि बात 400 सीट की उड़ी थी और उस चेतावनी को भाजपा ने हल्के में लिया अब बाँकीपुर और दतिया उपचुनाव में ब्राह्मणों ने एक बार फिर भाजपा से हाथ खींच लिया है और बसपा की तरफ देख रहा जबकि सपा जबरदस्ती ब्राह्मण प्रेम का दिखावा कर रही। उधऱ पार्टियां आयातित नेताओं को वोट का ठेका दे देती है जबकि जिन्होंने बुरे दौर में पार्टी का झंडा उठाया जब बीजेपी सत्ता के आसपास भी नहीं थी, जिन्ह ब्राह्मणो ने युवाओं को पार्टी से जोड़ा जब बसपा जूझ रही थी। सपा के संघर्ष में जिन्होंने ब्राह्मण संगठनों को सपा के पक्ष में खड़ा किया जब संगठन के लिए मुलायम सिंह तड़प रहें थे इन्हीं ब्राह्मणो ने अपनी जवानी जिंदगानी लगा दी। क्या उन्हें सिर्फ इसलिए किनारे रखा जाता है कि वो मूलतः कार्यकर्ता हैं। सवाल यह भी उठता है बाहर से आए नेताओं को पद और कद और मूल कैडर के नेताओं को इंतजऱ आखिर कब तक।आज बीजेपी सपा बसपा में कुछ एक को ही बड़े ब्राह्मण नेताओं के तौर पर देखा जाता है, मंत्री बनाया जाता है, टिकट दिया जाता है जबकि उनका कोई वोट बैंक नहीं। कोई दिक्कत नहीं बाहर से आए नेताओं का स्वागत होना चाहिए। लेकिन सवाल यह है कि जिन ब्राह्मणो ने बीजेपी सपा बसपा में अपनी जिंदगी खपा दी उनका क्या!

  • Related Posts

    सशक्त हस्ताक्षर की 51 वीं काव्य गोष्ठी में गूॅंजे कविता के स्वर 

    Spread the love

    Spread the love  सौजन्यः संगम त्रिपाठी                   (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)   सशक्त हस्ताक्षर की 51 वीं काव्य गोष्ठी में गूॅंजे कविता के…

    देश-विदेश के 69 लघुकथाकारों में डॉ. सत्यवान सौरभ और डॉ. प्रियंका सौरभ की लघुकथाएँ शामिल।

    Spread the love

    Spread the love    ✍️  डॉ. प्रियंका सौरभ    पीएचडी (राजनीति विज्ञान)    (कवयित्री एवं सामाजिक चिंतक)                     (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)  …

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    सशक्त हस्ताक्षर की 51 वीं काव्य गोष्ठी में गूॅंजे कविता के स्वर 

    • By User
    • August 10, 2026
    • 13 views
    सशक्त हस्ताक्षर की 51 वीं काव्य गोष्ठी में गूॅंजे कविता के स्वर 

    देश-विदेश के 69 लघुकथाकारों में डॉ. सत्यवान सौरभ और डॉ. प्रियंका सौरभ की लघुकथाएँ शामिल।

    • By User
    • August 10, 2026
    • 7 views
    देश-विदेश के 69 लघुकथाकारों में डॉ. सत्यवान सौरभ और डॉ. प्रियंका सौरभ की लघुकथाएँ शामिल।

     ”सावन है शिव कृपा का मास”

    • By User
    • August 10, 2026
    • 9 views
     ”सावन है शिव कृपा का मास”

    फिरोजपुर सिटी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो स्नैचर गिरफ्तार

    • By User
    • August 10, 2026
    • 14 views
    फिरोजपुर सिटी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो स्नैचर गिरफ्तार

    यक्ष प्रश्न ! (कविता)

    • By User
    • August 10, 2026
    • 10 views
    यक्ष प्रश्न ! (कविता)

    गजल

    • By User
    • August 10, 2026
    • 4 views
    गजल