सम्पादक (नया अध्याय) जौनपुर यू. पी. : पंकज सीबी मिश्रा।
पत्रकार हुए लामबंद, जनपद में बुरे फंसे खेल मंत्री।
जौनपुर : कई दिनों से अपने ही कुछ लोगो को खूब खटक रहें थे मंत्री जी ! उनके समर्थक कहने लगे पत्रकार जानबूझकर मंत्री जी को उकसा रहा था। ऐसा कहकर खेल और युवा कल्याण मंत्री के ही समर्थक आग में घी डालने का काम कर रहें। प्रदेश राजनीतिक विश्लेषक एवं जनपद के पत्रकार पंकज सीबी मिश्रा नें बताया कि विगत चार सितम्बर को भाजपा सदस्यता अभियान कार्यक्रम में आमन्त्रित मीडिया के सवालों का धैर्य पूर्वक जवाब ना देना अब भाजपा सरकार में खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव को भारी पड़ता नजर आ रहा क्योंकि पहले ही लोकसभा चुनाव में ख़राब प्रदर्शन की तु तु मैं मैं चल रहा था उसपर अब खुद मंत्री जी ने आ बैल मुझे मार वाली स्थिति उत्पन्न करवा ली है। इस तरह की घटना आम है क्यूंकि पूर्व मुख्यमंत्री भी पत्रकारों के साथ ऐसे व्यवहार के लिए प्रसिद्ध है। अब तो यह जिले में हर अधिकारी के दफ्तर में सुनने- देखने को मिलती है की पत्रकार धकियाये जा रहें l आखिर क्यों लोकतंत्र के प्रहरी पत्रकारों को ये ईनाम मिल रहा ! क्या पत्रकारिता अब चाटुकारिता से चलेगी ! ऐसे तमाम प्रश्न है। प्रदेश के खेल मन्त्री गिरीश चन्द्र यादव के व्यावहारिक आचरण ने पत्रकारों को निराश किया वहीं सत्तासीन पार्टी भाजपा के मानक की भी धज्जी उड़ रही। इस मुद्दे पर शुरू हुए पत्रकारों के विरोध प्रदर्शन की आँच पार्टी की तरफ़ भी उठने लगी है। दरअसल प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुए सवाल की नींव 2019 में ही तब पड़ गई थी जब जौनपुर में विकास योजनाओं के तहत नमामि गंगे योजना पर कार्य शुरू हुआ था। उसी दौरान अफ़वाह उड़ी कि इस योजना में शामिल एजेंसी से प्रदेश के एक मन्त्री ने कई करोड़ कमीशन ले लिया है। योजना पर काम शुरू हुआ तब तक स्वीकृत लागत की आधी रकम का बन्टाधार हो गया क्योंकि इसमें से नौकरशाही को भी कमीशन देने की अफ़वाह थी। नमामि गंगे का प्रोजेक्ट आज भी अधूरा है और शीतला चौकिया धाम के सुंदरीकरण के लिए दूसरी बार छ करोड़ से अधिक रकम पास होने पर मीडिया के कान इसलिए खड़े हो गए क्योंकि इससे पूर्व जारी रकम पूरी तरह उपभोग नहीं हुई। तब से अधूरी यह योजना लड़खड़ाने लगी, सीवर लाइन की कालोनियों में बिछने वाली पाइप की साइज घटकर आठ इंच हो चुकी थी। तमाम मोहल्लों के रास्ते दलदल अथवा धूल के गुबार में तब्दील हो गए।
यही सवाल आज तक के रिपोर्टर राजकुमार सिंह ने नमामि गंगे और पर्यटन विभाग के जरिए शीतला चौकिया धाम के विकास को लेकर पूछ लिया जो मन्त्री जी के जिगर को घायल कर दिया और खुद को विकास पुरुष बताने पर आमादा मंत्री महोदय आपा खो बैठे, हालांकि भाजपा जिला अध्यक्ष ने मन्त्री को सदस्यता अभियान की बात करने की सलाह दी लेकिन मन्त्री के लिए वह सवाल चोर की दाढ़ी में तिनके सरीखा साबित हुआ, इसलिए वह बार- बार विकास का मुद्दा उछालते हुए बौखलाकर पत्रकार को दो कौड़ी का बोलकर उन्हें देख लेने और दो मिनट में ठीक करने की धमकी दे डाली। अब जिले भर के पत्रकार लामबंद है और मंत्री के विरोध में ज्ञापन कार्यक्रम चला रहें। सरकार को पता है कि पत्रकार पॉवर क्या होती है इसलिए हर तरफ ख़ामोशी है। अब ऐसे में बस एक रास्ता है कि मंत्री महोदय खुद ही माफीनामा की ओर जाए या फिर चौथा स्तम्भ उनको लटकाये लटकाये अटका देगा।







